सीबीआई को किसने दी थी पोर्न वीडियो वाले रामभवन के गुनाहों की पेन ड्राइव, रहस्य बरकरार
जेई रामभवन के इसी ‘दुश्मन’ ने उसके तीन मोबाइल नंबर और ई-मेल ID भी दी, जिनके जरिए डार्क वेब पर ऑनलाइन पोर्न व्यापार किया गया। इन साक्ष्यों का अध्ययन करने और सारे तार जोड़ने में CBI को करीब दो महीने लगे। झगड़ा पैसे के बंटवारे को लेकर हुआ या अन्य किसी वजह से, इसका पता भी नहीं चला।

इंटरपोल की सूचना के बाद रामभवन के पीछे लगी सीबीआई के हाथों एक पेन ड्राइव लग गई थी। सूत्रों का कहना है कि उसमें तमाम गुनाहों के सबूत थे। लेकिन यह रहस्य आज तक बरकरार है कि आखिर सीबीआई को वह पेनड्राइव किसने दी। गिरफ्तारी के वक्त इलाके में चर्चा थी कि एक पुराने साथी से झगड़े के बाद रामभवन का रैकेट तहस-नहस हो गया। जेई का करीबी रहा एक शख्स जब दुश्मनी पर उतरा तो उसने सारे भेद खोल दिए। लेकिन आज तक उसका नाम सामने नहीं आया। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली के एक मामले में जांच करती हुई सीबीआई को जब जेई के बारे में कुछ सुराग मिला तो इसी करीबी ने तमाम साक्ष्य दे दिए। इनमें गुनाहों भरी वह पेन ड्राइव भी थी, जिसमें सीबीआई को 34 पोर्न वीडियो और 679 फोटो मिले।
जेई रामभवन के इसी ‘दुश्मन’ ने उसके तीन मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी दी, जिनके जरिए डार्क वेब पर ऑनलाइन पोर्न व्यापार किया गया। इन साक्ष्यों का अध्ययन करने और सारे तार जोड़ने में सीबीआई को करीब दो महीने लगे। झगड़ा पैसे के बंटवारे को लेकर हुआ या अन्य किसी वजह से, इसका पता भी नहीं चला। माना जाता है कि रामभवन के राजदार ने सीबीआई की विशेष इकाई ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज एंड एक्सप्लायटेंशन प्रिवेंशन इंवेस्टिगेशन सेल से संपर्क कर उसे सबूत दिए थे। इसके सहारे अन्य साक्ष्य जुटा सीबीआई ने उसे दबोच लिया। इनमें उसके तीन मोबाइल नंबर थे जो बांदा के नरैनी स्थित आवास के पते पर रजिस्टर्ड थे। जेई के पास स्पाई और वेब-कैम भी मिले थे। पहला मौका था ब सीबीआई ने आईटी, पॉक्सो और अप्राकृतिक यौन शोषण का मामला खुद दर्ज कर गिरफ्तारी की। इससे पहले ऐसे मामलों की जांच सीबीआई सुप्रीमकोर्ट के आदेश या प्रदेश सरकार की पहल पर करती रही है।
जहां भी रहने गया, वहां से भगाया गया था नराधम
बच्चों का यौन शोषण कर ऑनलाइन व्यापार करने वाला नरैनी के खरौंच गांव का जूनियर इंजीनियर रामभवन जहां भी रहा, संदिग्ध गतिविधियों की वजह से खदेड़ा गया। 17 नवंबर 2020 को सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी से पहले ऐसा कई बार हुआ। वह गिरफ्तारी के वक्त अर्जुन सहायक परियोजना महोबा व रसिन बांध परियोजना चित्रकूट का काम देखता था। वह एसडीएम कार्यालय के पीछे की बस्ती में किराए के घर में रहता था। चित्रकूट में पोस्टिंग के शुरुआती दिनों में उसने आफिस के पास ही सिकरी गांव निवासी कक्कू सिंह का घर किराए पर लिया था। कक्कू सिंह के मुताबिक रामभवन को घर किराए पर देने के कुछ दिन बाद ही पड़ोसियों ने घर में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत की। सख्त एतराज किया। इस पर डेढ़ माह में ही उससे घर खाली करा लिया था।
छानबीन में उसके कई विदेशी नागरिकों से ऑनलाइन जुड़े होने के प्रमाण भी मिले थे। जिन्हें वह बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री भेजा करता था। उसकी शादी 2004 में दुर्गावती देवी के साथ हुई थी। सीबीआई की छानबीन में इस बात के भी प्रमाण मिले कि दुर्गा बच्चों के यौनशोषण की हरकत में उसका साथ दे रही थी। उसी की निशानदेही पर घर से आठ लाख की नकदी, आठ मोबाइल फोन, सेक्स टॉय, लैपटॉप और बड़ी मात्रा में बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री मिली थी।
करीब 14 साल पहले ऐसी ही शिकायत पर वह किराए के मकान से भगाया गया था। 2012 में कर्वी में सिंचाई विभाग के पास एक मकान उसने किराए पर लिया था। महीने-डेढ़ महीने बाद ही उसकी करतूतें मकान मालिक तक पहुंच गईं। मकान मालिक ने फौरन उससे मकान खाली करा लिया था।
पहली बार चर्चा में आने के 15 दिन बाद दबोचा
वह पहली बार दो नवंबर 2020 को चर्चा में आया, जब सीबीआई की गाजियाबाद शाखा ने चित्रकूट में छापा मारा था। टीम चार दिन तक चित्रकूट में डेरा डाले रही। रामभवन और उसके ड्राइवर अभय को पकड़ कर पूछताछ की । तब विभागीय लोगों में चर्चा थी कि आठ साल पहले एक महिला की खुदकुशी के मामले में पूछताछ हो रही है। लेकिन अगले ही दिन पता चल गया कि मामला अश्लील वीडियो इंटरनेट पर अपलोड करने का है। चार नवंबर की शाम सीबीआई टीम राम भवन को लेकर चली गई थी।




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