who are chiranji lal yadav raghupat singh and dr shyam sundar in padma awards list from up know their contribution कौन हैं पद्म पुरस्कारों में यूपी का नाम रोशन करने वाले चिरंजी, रघुपत और डॉ.श्याम सुंदर, जानें योगदान, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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कौन हैं पद्म पुरस्कारों में यूपी का नाम रोशन करने वाले चिरंजी, रघुपत और डॉ.श्याम सुंदर, जानें योगदान

पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री सम्मान के लिए कुल 45 लोगों को चुना गया है। इनमें से यूपी से चिरंजी लाल यादव, रघुपत सिंह और डॉ.श्याम सुंदर के नाम हैं। इन सभी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद पुरस्कार देंगी। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

Sun, 25 Jan 2026 09:00 PMAjay Singh लाइव हिन्दुस्तान
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कौन हैं पद्म पुरस्कारों में यूपी का नाम रोशन करने वाले चिरंजी, रघुपत और डॉ.श्याम सुंदर, जानें योगदान

गणतंत्र दिवस-2026 के एक दिन पहले पद्म पुरस्कारों पाने वालों की सूची आ गई है। पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री सम्मान के लिए कुल 45 लोगों को चुना गया है। इनमें से तीन नाम (चिरंजी लाल यादव, रघुपत सिंह और डॉ.श्याम सुंदर) उत्तर प्रदेश के हैं। इन सभी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद पुरस्कार देंगी। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा। अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वालों को पद्म पुरस्कार दिया जाएगा।

मेटल के उत्पादों पर नायाब नक्काशी गढ़ने वाले दस्तकार चिरंजी लाल यूपी के मुरादाबाद के रहने वाले हैं। मुरादाबाद में अब चार पद्मश्री हो जाएंगे। यह लगातार तीसरा साल है जब मुरादाबाद के शिल्पकार को पद्मश्री अवार्ड देने के लिए चुना गया है। इससे पहले शिल्पगुरु के खिताब से अलंकृत मुरादाबाद के शिल्पकार दिलशाद हुसैन को वर्ष 2024 में, यहां के शिल्पकार बाबूराम यादव को 2025 में पद्मश्री पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया था। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मुरादाबाद के शिल्पकार चिरंजीलाल यादव को पद्मश्री अवार्ड देने की घोषणा की गई है। चिरंजीलाल यादव 56 साल से मेटल के उत्पादों पर नायाब नक्काशी का हुनर गढ़ रहे हैं।

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वहीं खेती में नए प्रयोग करने वाले किसान रघुपत सिंह को भी पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। मुरादाबाद के ही बिलारी तहसील के समाथल गांव निवासी किसान रघुपत सिंह को सब्ज़ियों और पौध विविधता के संरक्षण एवं कृषि नवाचार के क्षेत्र में किसान रघुपत सिंह को पद्मश्री मिलेगा। रघुपत सिंह का गुजरे साल निधन हो चुका है उन्हें मरणोपरांत यह पुरस्कार मिलने जा रहा है। वह मुरादाबाद के कृषि पंडित के नाम से विख्यात रह चुके हैं।

दो पद्मश्री और मुरादाबाद के खाते में आने से जिले में खुशी का माहौल है। वहीं चिरंजीलाल ने कक्षा सात की उम्र की पढ़ाई करने के बाद पीतल के उत्पादों पर नक्काशी गढ़ना शुरू कर दिया था। भारत सरकार के अधीन 1970 से 1973 तक इस अनूठी कारीगरी का प्रशिक्षण हासिल किया।

इसके साथ यूपी से डॉ. श्याम सुंदर (Dr. Shyam Sundar) का नाम चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा और उत्कृष्ट योगदान के लिए सूची में शामिल हैं। उनका काम स्वास्थ्य सेवा/चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना गया है।

क्यों दिए जाते हैं ये सम्मान

पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में हैं। ये तीन श्रेणियों, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री में प्रदान किए जाते हैं। ये सम्मान कला, सामाजिक कार्य, जन-प्रशासन, विज्ञान , व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं। पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए, जबकि पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।

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2026 में भारत सरकार ने गुमनाम हीरोज (Unsung Heroes) को पद्म पुरस्कारों के लिए चुना गया है। इनमें एक पूर्व बस कंडक्टर भी हैं जिन्होंने दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त पुस्तकालय खोला है। एशिया का पहला मिस्क बैंक खोलने वाले एक बाल रोग विशेषज्ञ और 90 वर्ष की उम्र में अत्यंत दुर्लभ वाद्य यंत्र बजाने वाली शख्सियत को भी चुना गया है।

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