रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में ABVP छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला क्या है? प्रदर्शन फिर ऐक्शन, जानिए पूरा विवाद
यूपी में बाराबंकी की श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी का मुद्दा गर्म है। वजह है बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता नवीनीकरण ना होने पर प्रदर्शन कर रहे छात्र और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज। प्रदर्शन से ऐक्शन तक जानिए पूरा मामला।

यूपी के बाराबंकी जिले की श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी सुर्खियों में है। वजह है बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता नवीनीकरण ना होने पर प्रदर्शन कर रहे छात्र और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज। मामले ने तूल पकड़ा तो श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी पर एफआईआर दर्ज कर लिया गया। सरकारी जमीन से कब्जा हटाने पर समय दिया गया नही तो बुलडोजर ऐक्शन भी होगा। रामस्वरूप यूनिवर्सिटी की स्थापना साल 2012 में हुई। इंजीनियर पंकज अग्रवाल इसके चांसलर है।
क्या है पूरा विवाद
दरअसल, तीन दिन पहले श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी में एलएलबी की मान्यता का नवीनीकरण न होने से छात्रों का भविष्य बर्बाद होने की बात पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व कॉलेज के छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शन को खत्म कराने को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन के इशारे पर पुलिस द्वारा छात्रों की बर्बता से पिटाई कराने के आरोप लग रहे हैं। लाठीचार्ज से कई छात्र घायल हो गए। मामला तूल पकड़ने लगा तो प्रशासन भी अब कार्रवाई के लिए मूड बना रहा है।
ऐक्शन में आए सीएम योगी
मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया तो मुख्यमंत्री योगी ने मंडलायुक्त-आईजी अयोध्या को जांच के साथ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। कुछ ही देर बाद ही बाराबंकी सीओ सिटी हर्षित चौहान को हटा दिया गया। इंस्पेक्टर आरके राना, चौकी प्रभारी गदिया गजेन्द्र सिंह और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। आदेश मिलते ही मंडलायुक्त अयोध्या, आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार ने बाराबंकी पहुंच कर जांच शुरू कर दी। दोनों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर लोगों के बयान लिए। एएसपी उत्तरी विकास चन्द्र त्रिपाठी भी मौजूद रहे। जांच अधिकारियों ने विश्वविद्यालय कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों से भी सवाल किए। इन लोगों ने कुछ जगह पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज को भी देखा।
विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर, बुलडोजर ऐक्शन भी तैयारी
विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कोतवाली नगर में बुधवार की देर रात 11 बजे मुकदमा दर्ज किया गया है। उच्च शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के अपर सचिव डॉक्टर दिनेश सिंह ने कोतवाली नगर में दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा है कि उत्तर प्रदेश में राज्य उच्च शिक्षा परिषद का नोडल अधिकरण बनाया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से 2023-24 और 2024-25 में विधि संकाय की कक्षाएं बिना मान्यता के संचालित की जा रही थी। अयोध्या मंडल के आयुक्त की ओर से की गई जांच में पाया गया है कि सोमवार के दिन तक विश्वविद्यालय को विधि संकाय कक्षा संचालन की मान्यता नहीं थी। इसके विपरीत प्रवेश लिया गया और परीक्षाएं संचालित की गई।
30 दिन में सरकारी जमीनों से कब्जा हटाने का आदेश
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि कोतवाली नगर में श्रीरामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय के प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, प्रबंधन द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा करने के मामले में राजस्व प्रशासन ने सख्ती की है। नाली, चकमार्ग, तालाब व बंजर की जमीन पर कब्जा हटाने को लेकर बीते सप्ताह तहसीलदार कोर्ट से आदेश जारी किया गया। विश्वविद्यालय प्रबंधन पर 28 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोंका गया है। 30 दिन में सरकारी जमीनों से कब्जा हटाने व जुर्माने की धनराशि अदा करने के आदेश दिए गए हैं। आदेश का पालन न करने पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है।
पहले भी शिकायतें आईं
रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी द्वारा सरकारी जमीनों पर कब्जा कर साम्राज्य खड़ा करने की स्थानीय लोगों ने तत्कालीन जिलाधिकारी से शिकायत की थी लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। भाकियू कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा एक हेक्टेयर सरकारी भूमि पर काबिज होने का मामला प्रशासन के समक्ष रखा था। शिकायत पर शिकायत होती रहीं लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। अब आदेश जारी हुआ तो स्थानीय लोगों व भाकियू कार्यकर्ताओं में भी खुशी की लहर दौड़ गई।
राजभर के बयान पर बवाल भी
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास के बाहर उनका पुतला फूंका। घायल छात्रों के खिलाफ दिए गए बयान पर आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने रात 09:50 बजे हजरतगंज स्थित मंत्री आवास पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं और पुलिस की झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई। कई छात्र इतने क्रोधित थे कि वह मंत्री के आवास परिसर में कूद गए। उन्होंने आवास के भीतर पहुंचकर मंत्री के विरोध में नारे लगाए। जब पुलिस उन्हें बाहर खींचने लगी, तभी कार्यकर्ताओं ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस से हाथापाई भी की। जिससे कई छात्रों और पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। एबीवीपी राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ल ने कहा कि कार्यकर्ताओं पर प्रदेश सरकार के मंत्री राजभर की संवेदनहीन टिप्पणी की कड़ी निंदा है।




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