ABVP छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद अब रामस्वरूप यूनिवर्सिटी पर FIR, बुलडोजर भी चलाने की तैयारी
ABVP छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद मामला तूल पकड़ने के बाद अब रामस्वरूप यूनिवर्सिटी पर मुकदमा हो गया है। प्रबंधन द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा करने के मामले में प्रशासन ने सख्ती की है। 30 दिन में सरकारी जमीनों से कब्जा हटाने व जुर्माना अदा करने के आदेश दिए गए हैं। बुलडोजर चलाने की तैयारी है।

यूपी में बाराबंकी के श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में ABVP छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले ने तूल पकड़ लिया। श्रीरामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कोतवाली नगर में बुधवार की देर रात 11 बजे मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, प्रबंधन द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा करने के मामले में राजस्व प्रशासन ने सख्ती की है। नाली, चकमार्ग, तालाब व बंजर की जमीन पर कब्जा हटाने को लेकर बीते सप्ताह तहसीलदार कोर्ट से आदेश जारी किया गया। विश्वविद्यालय प्रबंधन पर 28 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोंका गया है। 30 दिन में सरकारी जमीनों से कब्जा हटाने व जुर्माने की धनराशि अदा करने के आदेश दिए गए हैं। आदेश का पालन न करने पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है।
उच्च शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के अपर सचिव डॉक्टर दिनेश सिंह ने कोतवाली नगर में दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा है कि उत्तर प्रदेश में राज्य उच्च शिक्षा परिषद का नोडल अधिकरण बनाया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से 2023-24 और 2024-25 में विधि संकाय की कक्षाएं बिना मान्यता के संचालित की जा रही थी। अयोध्या मंडल के आयुक्त की ओर से की गई जांच में पाया गया है कि सोमवार के दिन तक विश्वविद्यालय को विधि संकाय कक्षा संचालन की मान्यता नहीं थी। इसके विपरीत प्रवेश लिया गया और परीक्षाएं संचालित की गई। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि कोतवाली नगर में श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय के प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
बीते माह हुई थी पैमाइश, 25 अगस्त को हुआ आदेश
देवा माती मार्ग पर श्री रामस्वरूप विश्वविद्यालय बड़े भूभाग में फैला है। राजस्व विभाग की टीम ने एक शिकायत पर बीते माह पैमाइश की थी। जांच के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में कुल 18 ऐसे गाटा संख्या मिले, जिनमें नाली, तालाब, बंजर और चकमार्ग दर्ज है। करीब छह बीघे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर विश्वविद्यालय परिसर में मिला लिया गया है। जांच के बाद उक्त प्रकरण तहसीलदार कोर्ट में चल रहा था। इस मामले में तहसीलदार कोर्ट ने बीते 25 अगस्त को विश्वविद्यालय प्रबंधन पर 27 लाख 96 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए सरकारी भूमि से बेदखली के आदेश जारी किया। जारी आदेश के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।
आदेश का नहीं हुआ पालन तो चलेगा बुलडोजर:
तहसीलदार कोर्ट से पारित आदेश के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन को स्वयं अवैध निर्माण हटाने को कहा गया है। आदेश में कहा गया है कि 30 दिनों में जुर्माने की रकम अदा करने के साथ ही सरकारी जमीनों से स्वयं अवैध निर्माण हटा लिया जाए। आदेश का पालन न करने पर राजस्व प्रशासन का बुलडोजर चलने की बात भी कही जा रही है।
घटना के बाद मामले ने पकड़ा तूल:
तीन दिन पूर्व विश्वविद्यालय में एलएलबी की मान्यता का नवीनीकरण न होने से छात्रों का भविष्य बर्बाद होने की बात पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व कॉलेज के छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शन को खत्म कराने को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन के इशारे पर पुलिस द्वारा छात्रों की बर्बता से पिटाई कराने के आरोप लग रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ तहसीलदार कोर्ट के आदेश की जानकारी होने पर छात्रों व राजनीतिक दलों ने कार्रवाई तेज करने का मुद्दा उठाने लगे हैं। मामला तूल पकड़ने लगा तो राजस्व प्रशासन भी अब कार्रवाई के लिए मूड बना रहा है।
पूर्व में भी हो चुकी हैं कई शिकायतें
श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी द्वारा सरकारी जमीनों पर कब्जा कर साम्राज्य खड़ा करने की स्थानीय लोगों ने तत्कालीन जिलाधिकारी से शिकायत की थी लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। भाकियू कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा एक हेक्टेयर सरकारी भूमि पर काबिज होने का मामला प्रशासन के समक्ष रखा था। शिकायत पर शिकायत होती रहीं लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। अब आदेश जारी हुआ तो स्थानीय लोगों व भाकियू कार्यकर्ताओं में भी खुशी की लहर दौड़ गई।
श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ. नीरजा जिंदल ने बताया कि यूनिवर्सिटी परिसर में सरकारी पर कब्जे को लेकर तहसीलदार कोर्ट द्वारा बेदखली व जुर्माने के आदेश होने की जानकारी नहीं है। इस संबंध में किसी प्रकार का कोई नोटिस भी तहसील से नहीं मिला है। सरकारी जमीन पर कब्जा होने की जानकारी भी मुझे नहीं है।
नवाबगंज उप जिलाधिकारी आनंद तिवारी ने बताया कि श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी परिसर की पैमाइश में सरकारी नाली, चकमार्ग, तालाब व बंजर भूमि के करीब 18 गाटा संख्या चिह्नित की गई थी। 25 अगस्त को इस मामले में बेदखली के आदेश पारित किया गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन पर करीब 28 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा है। विश्वविद्यालय प्रबंधन को जुर्माने की राशि अदा करने और सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। आदेश का पालन न होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




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