आईआईटी कानपुर में ऐसा क्या जो हर दूसरे महीने एक सुसाइड, 12 महीने में छह ने दी जान
शोधार्थी रामस्वरूप के सुसाइड के 25 दिन भी नहीं बीते कि शनिवार को तकनीकी स्टाफ अंजू कुमारी ने जान दे दी। संस्थान में पिछले एक साल के दौरान हर दूसरे महीने एक आत्महत्या का मामला सामने आ रहा है। पिछले 12 महीने में शनिवार को छठवीं आत्महत्या की घटना हुई है।

आईआईटी कानपुर में आखिर ऐसा क्या चल रहा है, जो लगातार होनहार अपनी जान दे रहे हैं। शोधार्थी रामस्वरूप के सुसाइड के 25 दिन भी नहीं बीते कि शनिवार को तकनीकी स्टाफ अंजू कुमारी ने फांसी लगाकर जान दे दी। संस्थान में पिछले एक साल के दौरान हर दूसरे महीने एक आत्महत्या का मामला सामने आ रहा है। पढ़ाई का तनाव है या संस्थान में किसी चीज का प्रेशर, जो स्नातक-परास्नातक छात्रों के अलावा शोधार्थी और कर्मचारी भी इससे परेशान होकर अपनी जान दे रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद जांच कर न तो पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंच रही है और न ही आईआईटी की जांच इसके पीछे के कारणों का पता लगाकर दूर कर रहा है। आईआईटी कानपुर में पिछले 12 महीने में शनिवार को छठवीं आत्महत्या की घटना हुई है। संस्थान में छात्रों की मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सेंटर फॉर मेंटल हेल्थ एंड वेलबीइंग की स्थापना की गई है। इस सेंटर के माध्यम से 24 घंटे विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही थी। 10 काउंसलर तैनात हैं।
जुड़वा भाई की मौत के बाद से मानसिक तनाव में थी अंजू
आईआईटी परिसर में अपने कमरे में जान देने वाली जूनियर लैब टेक्नीशियन अंजू लंबे समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही थी। परिजनों के अनुसार, यूपीएससी की तैयारी कर रहे उसके जुड़वा भाई की करीब डेढ़ साल पहले हुई मौत के बाद से वह गहरे तनाव में थी और खुद को इसके लिए जिम्मेदार मानती थी। जूनियर लैब टेक्नीशियन अंजू के मंगेतर प्रताप कुमार पासवान, जो पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में उड़ीसा के कोरापुट जिले में जूनियर इंजीनियर हैं। प्रताप ने बताया कि अंजू भावनात्मक रूप से काफी परेशान रहती थी। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए आईआईटी में पहले काउंसिलिंग भी कराई गई थी।
डायरी में लिखी आखिरी दास्तान के फाड़े पन्ने
अंजू को डायरी लिखने का शौक था। मौके से फॉरेंसिक टीम को मिली आधी डायरी भरी भी थी। लेकिन डायरी के कुछ पन्ने फटे मिले थे। पुलिस की माने तो लगभग 500 हिस्से में या पन्ने फटे थे। मामूली मिलान करने पर देखा गया कि अंजू ने सुसाइड के पहले कुछ शेरो शायरी जैसी लिखी थी। अब पुलिस पन्नों के फटे टुकड़ों का मिलान कराएगीं।
बड़े भाई की इंगेजमेंट में भी हुआ था झगड़ा
मंगेतर प्रताप की माने तो कुछ दिनों पहले अंजू के बड़े भाई अनुज की बेंगलुरु में इंगेजमेंट थी। इंगेजमेंट के दौरान अनुज ने अपने छोटे भाई अनिल को किसी बात को लेकर डांट दिया था। जिस पर अंजू का बड़े भाई अनुज से झगड़ा भी हुआ था। मंगेतर की माने तो दोनों में बहुत प्यार था। लेकिन अंजू बहुत भावुक किस्म की लड़की थी। वह छोटी-छोटी बातों को लेकर नाराज होती थी।
आईआईटी में कुछ प्रमुख आत्महत्याएं
-19 दिसंबर 2023 : शोध सहायक स्टाफ डॉ. पल्लवी चिल्का
-10 जनवरी 2024 : एमटेक छात्र विकास मीणा
-18 जनवरी 2024 : पीएचडी छात्रा प्रियंका जायसवाल
-10 अक्टूबर 2024 : पीएचडी छात्रा प्रगति
-10 फरवरी 2025 : पीएचडी रिसर्च स्कॉलर अंकित यादव
-25 अगस्त 2025 : सॉफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी
-01 अक्तूबर 2025 : बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र धीरज सैनी
-29 दिसंबर 2025: बीटेक अंतिम वर्ष छात्र जय सिंह
-20 जनवरी 2026 - पीएचडी छात्र रामस्वरूप इशराम




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