IIT कानपुर में एक और खुदकुशी, वेलेंटाइन डे पर मंगेतर से झगड़े के बाद फंदे से लटकी महिला कर्मचारी
आईआईटी कानपुर में आत्महत्या का एक और मामला सामने आया है, जहां केमिस्ट्री विभाग में कार्यरत 26 वर्षीय जूनियर टेक्नीशियन ने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। कुछ दिन पहले ही उनकी सगाई हुई थी।

आईआईटी कानपुर में खुदकुशी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वेलेंटाइन डे पर फोन पर मंगेतर से विवाद को लेकर कैंपस में कार्यरत महिला जूनियर टेक्नीशियन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कैंपस कर्मियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ पंखे के कुंडे से शव को नीचे उतार शव पोस्टमार्टम भिजवाया। जांच में एक डायरी मिली है, जिसमें शेर-ओ-शायरी लिखी मिली। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मूल रूप से झारखंड जादूगोड़ा के रहने वाले राज नंदन रविदास की 26 साल की बेटी अंजू कुमारी आईआईटी में जूनियर टेक्नीशियन पद पर तैनात थी। वह पिछले तीन साल से कार्यरत थी। कैम्पस में कार्यरत कर्मियों के मुताबिक अंजू की शादी उड़ीसा के पावर हाउस में तैनात पंकज से तय हो चुकी थी। दोनों की कुछ दिनों बाद सगाई भी होनी थी।
रिश्ते तय होने के बाद दोनों की फोन पर बात होने लगी थी। शनिवार सुबह वह अपने रूप में रुक कर मंगेतर पंकज से बात कर रही थी। इस दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद मंगेतर ने जोर से डाट-फटकार लगा दी। फोन पर बातचीत के दौरान अंजू ने सुसाइड करने की बात कहते हुए कॉल कट कर दी। फिर कुछ देर बाद पंखे के कुंडे से फांसी लगाकर जान दे दी।
कमरे में फंदे से लटका मिला शव
आनन-फानन में मंगेतर ने कैंपस में रहने वाले दोस्त सूरज को आपबीती बताई , यह सुन उसने अपने भाई सुरेश समेत अन्य कर्मियों को घटना की जानकारी दी। अंजू के कमरे पहुंचे कर्मियों में उसे आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस ने पहुंचकर दरवाजा तोड़ कमरे में दाखिल हुई, जहां अंजू का शव दुप्पटे से झूल रहा था। एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया युवती ने फोन पर विवाद के बाद सुसाइड किया है। पिता को घटना की जानकारी देने के बाद शव मोर्चरी भिजवा दिया हैं। कमरे में मिली डायरी व मोबाइल को कब्जे में लेकर मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
जनवरी महीने में भी युवक ने की थी आत्महत्या
इससे पहले कानपुर आईआईटी में आत्महत्या का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। 20 जनवरी को अर्थ साइंस के रिसर्च स्कॉलर राम स्वरूप ईशराम ने पीएचडी अपार्टमेंट की छठवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। वह पत्नी और दो साल की बेटी के साथ रहता था। राजस्थान निवासी राम स्वरूप ईशराम एंजाइटी से पीड़ित था और उसकी काउंसिलिंग भी चल रही थी। वहीं, आईआईटी कानपुर में करीब 2 सालों में 9 लोगों ने जान दी है।
संस्थान में आत्महत्याएं
● 19 दिसंबर 2023 : शोध सहायक स्टाफ डॉ. पल्लवी चिल्का
● 10 जनवरी 2024 : एमटेक छात्र विकास मीणा
● 18 जनवरी 2024 : पीएचडी छात्रा प्रियंका जायसवाल
● 10 अक्तूबर 2024 : पीएचडी छात्रा प्रगति
● 10 फरवरी 2025 : पीएचडी रिसर्च स्कॉलर अंकित यादव
● 25 अगस्त 2025 : सॉफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी
● 01 अक्तूबर 2025 : बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र धीरज सैनी
● 29 दिसंबर 2025 : बीटेक अंतिम वर्ष छात्र जय सिंह
●20 जनवरी 2026: रिसर्च स्कॉलर राम स्वरुप ईशराम




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