यूपी में बिजली की नई दरों और स्मार्ट मीटर के दामों पर क्या है तैयारी? जानें अपडेट
अगर बिजली कंपनियों के दावे सही पाए जाते हैं तो इस साल बिजली दरों में 25 से 30 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। वहीं, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इन दावों को खारिज किया है। परिषद ने स्मार्ट मीटर के दामों को बिजली दरों में शामिल करने का विरोध किया है।

UP Electricity News: यूपी में बिजली की नई दरों तय करने के लिए नियामक आयोग सोमवार से जनसुनवाई शुरू करेगा। इसके साथ ही पुराने मीटरों को बदलकर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के दाम बिजली दरों में शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर भी मोर्चेबंदी शुरू हो जाएगी। पावर कॉरपोरेशन ने इस साल 3837 करोड़ रुपये का खर्च दिखा कर इसे बिजली दरों में समायोजित करने का प्रस्ताव दिया है।
नियामक आयोग ने छह फरवरी को बिजली कंपनियों का वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया था। सोमवार को नोएडा में दक्षिणांचल विद्युत विद्युत विरतण निगम और नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड के प्रस्तावों पर चर्चा होगी। सभी बिजली कंपनियों ने कुल मिलाकर इस साल करीब 12 हजार करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है, जबकि 3837 करोड़ रुपये स्मार्ट मीटरों पर खर्च दिखा कर इसे बिजली की नई दरों में समायोजित करने की मांग की है।
जानकारों के मुताबिक, अगर बिजली कंपनियों के दावे सही पाए जाते हैं तो इस साल बिजली दरों में 25 से 30 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। वहीं, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इन दावों को खारिज किया है और स्मार्ट मीटर के दामों को बिजली दरों में शामिल करने का विरोध किया है। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा बिजली दरों की सुनवाई में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जब सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना बनाई थी, तब आदेश दिए थे कि इसका खर्च उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा। ऐसे में अब खर्च बिजली दरों में शामिल किया जाना अनुचित है। सभी बिजली कंपनियों ने 1,18,741 करोड़ रुपये का एआरआर दाखिल किया है। बिजली खरीद के लिए लगभग 85,305 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। 17,100 करोड़ रुपये सरकार से सब्सिडी का प्रस्ताव रखा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आदेश के विपरीत उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर के दाम थोपे जाएंगे। बिजली दरें सभी उपभोक्ताओं के लिए होती हैं। लिहाजा जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं, उन पर भी तत्काल बोझ आएगा। बिजली कंपनियां नया कनेक्शन स्मार्ट मीटर के साथ ही दे रही हैं। इनसे मीटर के दाम पहले ही लिए जा रहे हैं। अगर बिजली दरों में खर्च शामिल होता है तो इन उपभोक्ताओं पर दोगुना खर्च आएगा।
स्मार्ट मीटर के ये मुद्दे भी उठेंगे
-स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति
-तमाम तकनीकी खामियां खुद बिजली कंपनियों ने स्वीकार की हैं
-टेस्ट मीटर के तौर पर छोड़े गए पुराने मीटरों से स्मार्ट मीटर की रीडिंग का मिलान सार्वजनिक नहीं किया जा रहा
बहुमंजिला इमारतों की समस्याओं का समाधान भी निकलेगा
अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बहुमंजिला इमारतों के उपभोक्ता साझा क्षेत्र में बिजली खपत की जानकारी मांग रहे हैं। पिछली बार दरें तय करते हुए ही आयोग को इस पर आदेश करना था, लेकिन नहीं किया। इस बार आदेश जारी करने की मांग होगी। वहीं, हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में बने मकानों में बिजली कनेक्शन पर लगे प्रतिबंध का समाधान भी मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का 51 हजार करोड़ बकाया है, लिहाजा दरों में इजाफे का औचित्य नहीं है।
इन तारीखों में बिजली कंपनियों के प्रस्ताव पर होगी सुनवाई
बिजली कंपनियां तारीख स्थान
पूर्वांचल व एनपीसीएल 9 मार्च गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय सभागार
मध्यांचल 17 मार्च जीआईसी सभागार, बरेली
पूर्वांचल 23 मार्च मंडलायुक्त कार्यालय सभागार, वाराणसी
केस्को 27 मार्च स्पोर्ट्स हब, आर्यनगर, कानपुर
दक्षिणांचल 30 मार्च गांधी सभागार, बुंदेलखंड विवि, झांसी




साइन इन