यूपी के इस शहर में 20 से 40 हजार में बेचे जा रहे थे असलहे, सप्लाई करने वाले गैंग का भंडाफोड़
सरगना असलहों को कहां से मंगाता है, यह गुर्गों को भी नहीं मालूम। गुर्गे उससे 15 हजार रुपये में असलहा खरीदते थे और फिर इसे 20 से 40 हजार रुपये में बेच देते थे। पकड़े गए सप्लायरों ने अपने कई साथियों के नाम बताए, जिनके घर पुलिस पहुंच गई। तीन अन्य हत्थे चढ़ गए, लेकिन सरगना समेत कई बदमाश फरार हो गए।

यूपी के गोरखपुर शहर में असलहों की सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अनुज समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों के पास से दो अवैध पिस्टल, खोखा, कारतूस, दो बाइक व मोबाइल फोन बरामद कर लिया। आरोपितों ने पूछताछ में कैंट इलाके के कूड़ाघाट में रहने वाले अपने सरगना और अन्य साथियों का नाम भी बता दिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि बाहर से असलहा ले आकर गोरखपुर व आसपास के जिलों में 20 से 40 हजार में बेचते थे। पुलिस सरगना समेत अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
शहर में अवैध रूप से असलहा बेचे जाने की जानकारी पुलिस को मिली थी। रामगढ़ताल पुलिस भी जांच में लगी थी। इस बीच एसओ रामगढ़ताल नितिन रद्युनंदन श्रीवास्तव की टीम ने बाइक जांच के दौरान दो युवक अवैध असलहे के साथ पकड़े। इसमें से एक कैंट थाने का हिस्ट्रीशीटर अनुज भी था। पुलिस दोनों को थाने पर लाकर पूछताछ की तो उन लोगों ने अपने साथियों का नाम भी उगल दिया। बताया कि सरगना कूड़ाघाट का निवासी है।
वह असलहों को कहां से मंगाता है, यह नहीं मालूम, हम लोग उससे 15 हजार रुपये में असलहा खरीदते थे और फिर इसे 20 से 40 हजार रुपये में बेच देते थे। दोनों ने अपने कई साथियों का नाम बताए, जिनके घर पुलिस पहुंच गई। तीन अन्य आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़ गए, लेकिन सरगना समेत कई बदमाश घर से फरार हो गए थे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
सर्राफा रेजिडेंसी के पास का निवासी और हिस्ट्रीशीटर अनुज कुमार, रामपुर निवासी मनीष साहनी उर्फ कट्टा, लहसड़ी खैरा टोला निवासी शैलेंद्र निषाद, लहसड़ी के टोला बरबसपुर निवासी वीरू साहनी उर्फ गौरव, गायघाट निवासी सुनील कुमार की गिरफ्तारी की गई। इसमें से अनुज कैंट थाने का हिस्ट्रीशीटर है और पुलिस से बचने के लिए परिवार से अलग रामगढ़ताल इलाके के पथरा के पास किराये के मकान में रह रहा था। आरोपितों ने व्हाट्सएप की मदद से एक दूसरे को असलहों की फोटो भेजने के साथ ही दाम भी तय किया है। मोबाइल की मदद से ही पुलिस को गिरोह में शामिल बदमाशों के नाम और सबूत मिले हैं। खबर है कि सरगना इस वक्त मुंबई भाग गया है।




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