उठो इस्लाम के शेरो, 16 को चलो फतेहपुर, मकबरा पर कीर्तन के आह्वान के बाद फेसबुक पर पोस्ट
यूपी के फतेहपुर में मकबरे पर बवाल के बाद अब हिंदू-मुस्लिम दोनों तरफ से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किए जा रहे हैं। इसे लेकर प्रशासन चौकन्ना हो गया है। तीन पोस्ट को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। इन पोस्ट में मकबरे पर जुटने का भी आह्वान किया गया है।

यूपी के फतेहपुर में आबूनगर स्थित मकबरे पर सोमवार को बवाल के बाद अब जन्माष्टमी के दिन यानी शनिवार को हंगामे की स्थिति बन रही है। हिंदूवादी संगठनों और भाजपा नेताओं ने यहां भजन-कीर्तन और पूजा पाठ का आह्वान किया है। इसे लेकर प्रशासन चौकन्ना है। इस बीच सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और उग्र पोस्ट सामने आए हैं। एक पोस्ट में तो यहां तक लिखा है कि उठो इस्लाम के शेरो, उठने का वक्त है, चलो फतेहपुर। यह भी लिखा है कि 16 अगस्त को सब लोग फतेहपुर मकबरे के पास हाजिर हों। पुलिस ने हालांकि इस पोस्ट को डिलीट करा दिया है और पोस्ट करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने इसी तरह की पोस्ट करने में तीन मुकदमे दर्ज किए हैं।
पुलिस के अनुसार पहली एफआईआर अखण्ड प्रताप सिंह की एक्स आईडी से किए गए पोस्ट को लकर किया गया है। इसमें समुदाय विशेष के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने की कोशिश की गई है। दूसरी एफआईआर में 'हक की आवाज' नाम की फेसबुक आईडी से वीडियो पोस्ट कर लोगों को 16 अगस्त को मकबरे के पास इकट्ठा होने और “उठो इस्लाम के शेरो…” जैसे उत्तेजक नारे दिए गए।
वहीं तीसरी एफआईआर में मोहम्मद मोजफ्फर इमाम की फेसबुक आईडी से महिलाओं की आपत्तिजनक फोटो डालकर मकबरा तोड़ने की घटना से जोड़ते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। पुलिस ने तीनों मामलों में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाल तारकेश्वर राय ने बताया कि भड़काऊ पोस्ट पर सख्त कार्रवाई होगी, अब तक तीन मुकदमें लिखे गए हैं।
इससे पहले गुरुवार को इसी तरह की आपत्तिजनक पोस्ट डालने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। असोथर कस्बा निवासी मोहम्मद कासिम कुरैशी को सोशल मीडिया पर भड़काऊ और अराजक टिप्पणी पोस्ट की थी। पुलिस ने हिरासत में लिया। थाने में पूछताछ के बाद उसे शांति भंग की धारा में चालान कर न्यायालय भेजा गया। एसडीएम कोर्ट में पेशी के दौरान उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
गौरतलब है कि सोमवार को कई हिंदू संगठनों के लोगों ने यहां धावा बोल दिया था। मकबरे पर भगवा फहराया गया और तोड़फोड़ की गई थी। इसी दौरान पदाधिकारियों, भाजपा नेताओं ने जन्माष्टमी वाले दिन यहां दोबारा आकर पूजा पाठ करने का आह्वान किया था। इसके चलते प्रशासन चौकन्ना है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट में भी आशंका जताई गई है कि कुछ लोग जन्माष्टमी पर विवादित स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। इसके चलते ही प्रशासन ने एहतियातन विवादित स्थल की ओर जाने वाले हर मार्ग को सील किया है।
मकबरे की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। जबकि विवादित स्थल को जाने वाली तंग गलियों में लोहे के बैरियर खड़े कर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इलाके में प्रवेश करने से पहले पुलिस हर व्यक्ति की सघन चेकिंग कर रही है। आने-जाने वालों का आधार कार्ड देखकर ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जा रहा है।
मीडिया की एंट्री भी प्रतिबंधित
प्रशासन ने मीडिया की एंट्री पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। किसी भी तरह की लाइव रिपोर्टिंग या वीडियो शूटिंग पर सख्त पाबंदी है। इलाके के आस-पास पुलिस के जवान मुस्तैदी से गश्त कर रहे हैं। तीन प्लाटून पीएसी, दंगा निरोधी बल, महिला पुलिस और खुफिया विभाग के कर्मी मौके पर तैनात हैं। हर आने-जाने वाले वाहन की जांच की जा रही है, ताकि कोई भी संदिग्ध सामान या व्यक्ति विवादित स्थल के आसपास न पहुंच सके। एसडीएम, सीओ सहित बड़े अफसर मौके पर डटे हैं।




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