फतेहपुर में भाइपाइयों के साथ मकबरे पर चढ़ने वाले सपा नेता को अखिलेश ने पार्टी से निकाला, FIR में भी पप्पू का नाम
फतेहपुर में भाइपाइयों के साथ मकबरे पर चढ़ने वाले समाजवादी पार्टी के नेता पप्पू चौहान को अखिलेश यादव ने पार्टी से निकाल दिया है। मकबरे पर बवाल के बाद जिन दस लोगों के खिलाफ नामजद केस हुआ है उनमें पप्पू चौहान का नाम भी शामिल है।

फतेहपुर में मकबरे पर चढ़कर बवाल करने वाले में भाजपाइयों के साथ पुलिस ने सपा नेता पप्पू चौहान पर भी शिकंजा सका है। उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। तमाम वीडियो में पप्पू चौहान भी भाइपाइयों के साथ दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कड़ा एक्शन लेते हुए पप्पू चौहान को पार्टी से निकाल दिया है। अखिलेश यादव के निर्देश पर फतेहपुर के सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पप्पू चौहान को पार्टी से बाहर करने का आदेश जारी किया। हालांकि उन्होंने अपने लेटर में मकबरे को लेकर हुए बबाल या उसमें शामिल होने का जिक्र नहीं किया है। पप्पू चौहान को सपा से निकालने का कारण पार्टी विरोधी गतिविधियां बताया गया है।
वहीं पप्पू चौहान ने एक वीडियो जारी कर सपा से इस्तीफा देने का ऐलान भी किया है। पप्पू चौहान ने कहा कि फतेहपुर में सपा केवल वही काम कर रही है जो मुस्लिमों को पसंद है। कहा कि मैं 2021 से सपा से जुड़ा हूं। लगातार सपा के आंदोलन में जुटा रहा। विधानसभा चुनाव में पूरी मेहनत के साथ काम किया है। इसके बाद भी केवल खास जाति के लोगों की यहां पर पूछ होती है। यह भी कहा कि मैं सनातनी हूं और सनातन के लिए ही काम करूंगा।

क्या है मकबरे का पूरा मामला
फतेहपुर में हिंदूवादी संगठनों और भाजपा जिलाध्यक्ष ने आबूनगर रेडैइया स्थित कथित अब्दुल समद के मकबरे के मंदिर होने का दावा किया और वहां लोगों को जुटने का आह्वान किया था। इसके बाद वहां बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस तैनात कर दी गई थी। इसके बाद भी सोमवार को सैकड़ों की भीड़ नारेबाजी करते हुए बैरीकेड तोड़ते हुए मकबरे में घुस गई। वहां तोड़फोड़ की और ऊपर चढ़कर भगवा ध्वज फहरा दिया। हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। इस पर मुसलमानों की भीड़ भी जुटी और विरोध किया। कई बार नोकझोंक और झड़प के बाद हिंदूवादी संगठनों के लोगों ने उन्हें वहां से खदेड़ना शुरू किया तो इन लोगों ने पथराव कर दिया।
करीब पांच घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस और पीएसी ने कड़ी मशक्क्त और लाठी पटककर भीड़ को वहां से भगाया। तनाव को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने 10 लोगों को नामजद करते हुए 150 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है। इस दौरान पप्पू चौहान भी भाजपाइयों के साथ दिखाई दिए थे। पुलिस ने उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है।
एक हफ्ते पहले शुरू हुआ विवाद
एक सप्ताह पहले मठ मंदिर संघर्ष समिति ने विवादित स्थल पर ठाकुरद्वारा मंदिर होने का दावा करते हुए सुंदरीकरण, नवीनीकरण और विस्तारीकरण कराने की प्रशासन से मांग की थी। इसके अलावा रविवार को भाजपा और हिंदूवादी संगठनों ने सोमवार को यहां पहुंचकर पूजा-पाठ करने का आह्वान किया था। इसी क्रम में सोमवार को कर्पूरी ठाकुर चौराहे पर करीब तीन हजार लोगों का हुजूम एकत्र हुआ। विवादित स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर की गई बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए सुबह करीब 11 बजे हुजूम परिसर के पास पहुंच गया। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए करीब 300 लोग अंदर घुस गए और अंदर स्थित मजारों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
दरवाजा तोड़ते हुए लोग सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़ गए और भगवा ध्वज फहरा दिया। तभी मुस्लिम पक्ष के लोग भी पहुंचे और विरोध करने लगे। इस पर हिंदूवादी संगठनों के लोगों ने उन्हें दौड़ा लिया। इस पर दूसरे पक्ष ने पथराव कर दिया। हालात बेकाबू होने पर पुलिस-पीएसी ने लाठियां पटकते हुए दोनों पक्षों को दौड़ा लिया। इसके बाद भी दोनों पक्ष मकबरा के करीब सौ मीटर की दूरी पर आमने-सामने खड़े होकर नारेबाजी करते रहे। डीएम रविन्द्र सिंह व एसपी अनूप सिंह ने दोनों पक्षों से वार्ता कर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए सभी को मौके से हटाया। सूचना पर एडीजी प्रयागराज संजीव गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। जिनकी लापरवाही सामने आएगी, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
ये हुए नामजद
आबूनगर चौकी इंचार्ज विनीत उपाध्याय की तहरीर पर भाजपा के हसवा मंडल प्रभारी अभिषेक शुक्ला, बजरंग दल के संयोजक धर्मेन्द्र सिंह जनसेवक, अधिवक्ता रितिक पाल, भाजपा सभासद विनय कुमार तिवारी, भाजपा महामंत्री पुष्पराज पटेल, जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ रिंकू तिवारी, सपा नेता पप्पू चौहान, भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री प्रसून तिवारी, भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष देवनाथ धाकड़े, आशीष त्रिवेदी समेत 150 पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।




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