Voters should not fill out SIR forms from two locations, face a one-year sentence, UP Chief Electoral Officer warned वोटर दो जगह नहीं भरें SIR फॉर्म नहीं तो एक साल सजा, चुनाव आयोग की चेतावनी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

वोटर दो जगह नहीं भरें SIR फॉर्म नहीं तो एक साल सजा, चुनाव आयोग की चेतावनी

यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की चेतावनी जारी की है। वोटर दो-दो स्थानों से गणना प्रपत्र न भरें। अगर उन्होंने ऐसा किया तो उन्हें एक वर्ष तक की सजा दी जा सकता है या जुर्माना लगाया जा सकता है। 

Tue, 18 Nov 2025 07:29 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share
वोटर दो जगह नहीं भरें SIR फॉर्म नहीं तो एक साल सजा, चुनाव आयोग की चेतावनी

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतदाता दो-दो स्थानों से गणना प्रपत्र न भरें। अगर उन्होंने ऐसा किया तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-31 के तहत उन्हें एक वर्ष तक की सजा दी जा सकता है या जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे में अगर गांव या शहर और दो-दो राज्यों की मतदाता सूची में नाम है तो भी वह सिर्फ एक जगह से ही गणना प्रपत्र भरकर जमा करें।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बताया कि चुनाव आयोग दो-दो जगह से गणना प्रपत्र भरकर जमा करने वालों को आसानी से पकड़ लेगा। डिजिटल माध्यम से इसकी फूलप्रूफ व्यवस्था की गई है। ऐसे में अगर आप अपने पुश्तैनी गांव में मतदाता बनकर वोट डालना चाहते हैं तो वहां से फॉर्म भरकर जमा करें या फिर शहर में जहां पर वर्तमान में रह रहे हैं तो वहां से फॉर्म भरें। बीते 27 अक्तूबर को मतदाता सूची फ्रीज की गई है और वर्तमान में इस मतदाता सूची में जिसका जहां नाम है, वहीं से फॉर्म भरें। अगर यूपी का रहने वाला कोई व्यक्ति दूसरे राज्य मुंबई, दिल्ली या फिर अन्य राज्य में रह रहा है और वहां वोटर है तो फिर वह यहां गणना प्रपत्र न भरे। क्योंकि एसआईआर मतदाता सूची से मृत व्यक्तियों के नाम बाहर करने व जिन मतदाताओं के दो-दो जगह नाम हैं उनके नाम एक जगह से हटाने इत्यादि के लिए किया जा रहा है।

सीईओ ने कहा कि गणना प्रपत्र में ऊपर के हिस्से में मतदाता को अपना फोटो लगाना है, माता-पिता का नाम और मोबाइल नंबर आदि भरना है। नीचे के हिस्से में एसआईआर 2003 की जानकारी भरनी है। बांयें हिस्से में अगर मतदाता उस समय सूची में स्वयं शामिल था तो उसकी जानकारी और अगर उस समय उसका नाम नहीं था तो दाहिने हिस्से में वह अपने माता-पिता, दादा-दादी व नाना-नानी इन छह लोगों में से किसी एक की एसआईआर 2003 की जानकारी भर सकता है। उदाहरण के लिए अगर आप उस समय दिल्ली में रह रहे थे तो ऑनलाइन मतदाता सूची से अपना इपिक नंबर सहित डिटेल भरें। जो उस समय जहां था वहीं की डिटेल भरेगा। वर्ष 2003 की मतदाता सूची voters.eci.gov.in पर उपलब्ध है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सीएम योगी ने भरा SIR का फॉर्म, बोले-आप सब भी भरें, लोकतंत्र को मजबूत करें

वहीं ईसीआई नेट एप पर भी जानकारी भर सकते हैं। चार दिसंबर तक बीएलओ गणना प्रपत्र मतदाताओं से भरवाकर जमा करेंगे। प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ मतदाता हैं और इसमें से 70 प्रतिशत का नाम या तो खुद 2003 की मतदाता सूची में है या फिर उनके माता-पिता का। ऐसे में इनकी मैपिंग वर्तमान मतदाता सूची से की जा रही है। अभी तक 50 प्रतिशत मैपिंग का काम हो चुका है।

आधार लिंक मोबाइल नंबर तो ऑनलाइन भरें फॉर्म

सीईओ ने बताया कि गणना प्रपत्र अगर ऑफलाइन भर रहे हैं तो उसके लिए तो आधार वैकल्पिक है। वहीं अगर आप ऑनलाइन गणना प्रपत्र भरना चाहते हैं तो फिर आधार लिंक मोबाइल नंबर होना आवश्यक है। क्योंकि ई साइन के लिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा। आधार कार्ड व मतदाता कार्ड में आपके नाम की स्पेलिंग भी एक ही होनी चाहिए। अब तक 70 हजार मतदाताओं ने ऑनलाइन फॉर्म भरा है।

बुक अ कॉल विद बीएलओ से संपर्क, न आए तो करें शिकायत

चुनाव आयोग ने मतदाताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। बुक अ कॉल विद बीएलओ की सुविधा पोर्टल के माध्यम से उठाई जा सकती है। अगर बीएलओ 48 घंटे में समस्या का समाधान नहीं करते हैं तो फिर उनकी शिकायत टोल फ्री नंबर 1950 पर करें। यही नहीं ईआरओ या फिर जिला निर्वाचन अधिकारी इत्यादि से भी कर सकते हैं। बीएलओ से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

लोगों के पास प्रमाण देने का पर्याप्त समय, नए बना सकेंगे

अभी चार दिसंबर तक सिर्फ गणना प्रपत्र भरकर जमा करना है। कोई भी कागजात नहीं देना है। नौ दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी। अगर उसमें आपका नाम नहीं है तो फिर दावा व आपत्ति की जाएगी। नोटिस भी आयोग देगा। नौ दिसंबर से 31 दिसंबर तक उसे प्रमाण के रूप में पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र व निवास प्रमाण पत्र सहित 13 प्रमाण पत्रों में से कोई एक प्रमाण पत्र देना होगा। अगर वह वास्तव में यूपी का निवासी है तो इतना समय दिया जा रहा है कि वह नया प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।

नागरिकता जाने का न फैलाएं भ्रम

सीईओ नवदीप रिणवा ने कहा कि यह भ्रम न फैलाएं कि मतदाता सूची में नाम न होने पर नागरिकता खत्म होगी। एसआईआर तो शुद्ध मतदाता सूची तैयार करने के लिए किया जा रहा है और इसमें मतदाता चुनाव आयोग की मदद करें।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।