Victims of cyber fraud will not have to go to court to get back money up to Rs 50000 साइबर ठगी के पीड़ितों को बड़ी राहत, अब इतने तक की रकम के लिए नहीं काटने पड़ेंगे कोर्ट के चक्कर, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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साइबर ठगी के पीड़ितों को बड़ी राहत, अब इतने तक की रकम के लिए नहीं काटने पड़ेंगे कोर्ट के चक्कर

साइबर जालसाजी के मामलों में पीड़ितों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने नई एसओपी जारी की है। नई व्यवस्था के तहत अब 50 हजार रुपये तक की ठगी की रकम को बिना कोर्ट की अनुमति के ही पीड़ित को वापस किया जा सकेगा। इससे लोगों को अब कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

Tue, 10 March 2026 09:55 AMPawan Kumar Sharma शिवम सिंह, गोरखपुर
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साइबर ठगी के पीड़ितों को बड़ी राहत, अब इतने तक की रकम के लिए नहीं काटने पड़ेंगे कोर्ट के चक्कर

आए दिन साइबर ठगी की घटनाएं आती हैं, जिसमें जालसाज लोगों को फंसाकर ठगी करते हैं। हालांकि साइबर जालसाजी के मामलों में पीड़ितों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने नई एसओपी जारी की है। नई व्यवस्था के तहत अब 50 हजार रुपये तक की साइबर ठगी की रकम को बिना कोर्ट की अनुमति के ही पीड़ित को वापस किया जा सकेगा। इससे पहले छोटी रकम की वापसी के लिए भी पीड़ितों को लंबे समय तक अदालत की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।

गृह मंत्रालय के निर्देश पर जारी इस नई एसओपी का उद्देश्य साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को जल्द राहत दिलाना है। अब यदि किसी व्यक्ति के साथ 50 हजार रुपये तक की साइबर ठगी होती है और जांच में मामला सही पाया जाता है तो संबंधित एजेंसियां बिना न्यायालय की अनुमति के रकम रिलीज कर सकेंगी। इससे पीड़ितों को महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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बता दें कि साइबर जालसाजी की शिकायत मिलने के बाद संबंधित बैंक खाते को तुरंत फ्रीज कर देता है ताकि रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सके। हालांकि पहले फंड रिलीज करने या खाते को अनफ्रीज करने के लिए न्यायालय की अनुमति लेना जरूरी होता था, जिससे प्रक्रिया लंबी हो जाती थी और खाताधारकों को परेशानी होती थी। अब नई गाइडलाइन के अनुसार, साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में जिन बैंक खातों को जांच के दौरान फ्रीज किया जाता है, उन्हें अधिकतम 90 दिन में अनफ्रीज कर दिया जाएगा। अब निर्धारित समयसीमा तय होने से जांच प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी और अनावश्यक देरी भी नहीं होगी।

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इसे लेकर गोरखपुर जोन के साइबर कमांडो उपेंद्र सिंह ने बताया कि नई गाइडलाइन के हिसाब से पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे लोगों की रकम वापसी आसान हो गई है। पहले छोटी रकम के लिए खाता फ्रीज कराने के बाद लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

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उधर, बस्ती के गौर थाना क्षेत्र में साइबर जालसाजों ने बेतौहा निवासी एक व्यक्ति से 2.20 लाख रुपये हड़प लिए। जालसाजों ने उसके दोस्त को दुबई में फंसा बताया और पासपोर्ट व वीजा जब्त करने की धमकी दी। डर के कारण पीड़ित ने उनके भेजे क्यूआर कोड के माध्यम से रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में उसे ठगी का पता चला। पुलिस ने अज्ञात साइबर जालसाज के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष गौर अतुल कुमार अंजान ने मामले की पुष्टि की और लोगों से साइबर फ्रॉड से सावधान रहने की अपील की।

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