मार्च में जनवरी जैसा घना कोहरा, यूपी के इस शहर में मौसम के मिजाज ने चौंकाया, विज्ञानी भी हैरान
यूपी के बुलंदशहर में रविवार सुबह मार्च के महीने में जनवरी जैसा घना कोहरा देख हर कोई हैरान रह गया। बेमौसम धुंध के कारण दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई और हाईवे पर वाहनों की रफ्तार कम हो गई। वैज्ञानिक भी हैरान हैं और इसे दुर्लभ मौसम घटना मान रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में रविवार की सुबह मौसम का एक ऐसा रूप देखने को मिला, जिसकी कल्पना मार्च के महीने में सामान्यतः नहीं की जाती। होली के खुमार और तपिश की आहट के बीच अचानक बुलंदशहर के आसमान पर जनवरी जैसी सफेद धुंध छा गई। जिले के पहासू क्षेत्र समेत कई इलाकों में दृश्यता (Visibility) इतनी कम हो गई कि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। मार्च के दूसरे हफ्ते में इस कदर घना कोहरा देखकर मौसम वैज्ञानिक भी अचंभित हैं और इसे जलवायु परिवर्तन का एक बड़ा संकेत मान रहे हैं।
सड़कों पर थमी रफ्तार, हेडलाइट्स का सहारा
रविवार तड़के जब लोग सोकर उठे, तो बाहर का नजारा देखकर दंग रह गए। पहासू और आसपास के देहाती क्षेत्रों में कोहरा इतना घना था कि 10 मीटर की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। दिल्ली-बदायूं हाईवे और स्थानीय मार्गों पर चलने वाले वाहन चालकों को मजबूरन अपनी गाड़ियों की हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स जलानी पड़ीं। मार्च की गुनगुनी धूप की जगह घने कोहरे ने ली, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। राहगीरों का कहना था कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे मार्च में नहीं, बल्कि कड़ाके की ठंड वाली जनवरी की किसी सुबह में सफर कर रहे हों।
मौसम विज्ञानी भी हैरान
आमतौर पर मार्च के महीने में पछुआ हवाएं चलती हैं और तापमान बढ़ने लगता है, जिससे नमी कम हो जाती है और कोहरा बनने की संभावना समाप्त हो जाती है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, मार्च में इस तरह का घना कोहरा 'अति दुर्लभ' श्रेणी में आता है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले दिनों हुई हल्की बूंदाबांदी और हवा की गति में अचानक आई कमी के कारण वातावरण में नमी (Humidity) का स्तर बढ़ गया, जिससे जमीन के पास की हवा ठंडी होकर कोहरे में तब्दील हो गई। हालांकि, वैज्ञानिकों ने इसे पर्यावरण में हो रहे बड़े बदलावों का एक चिंताजनक पहलू भी बताया है।
फसलों पर पड़ेगा असर
पहासू क्षेत्र के किसानों के माथे पर इस बेमौसम कोहरे ने चिंता की लकीरें खींच दी हैं। वर्तमान में गेहूं की फसल पकने की कगार पर है। किसानों का कहना है कि अगर यह धुंध और नमी ज्यादा समय तक बनी रहती है, तो गेहूं के दानों में कालापन या फफूंद लगने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, आम के बागों में आए बौर (फूल) के लिए भी यह कोहरा और अचानक बढ़ी नमी काफी नुकसानदायक साबित हो सकती है।
सावधानी की अपील
जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों से धीमी गति से चलने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। दोपहर होने तक धूप निकलने के बाद कोहरा छंटना शुरू हुआ, लेकिन सुबह के इस घटनाक्रम ने पूरे बुलंदशहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।




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