ट्रेन में नोटों का जखीरा के बाद करोड़ों के सोने के बिस्किट बरामद, सभी 24 कैरेट शुद्ध, दो युवक गिरफ्तार
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस से 3.55 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के 19 बिस्किट बरामद किए गए हैं। महाराष्ट्र के दो तस्करों ने सोने को अपनी पैंट की सिलाई में छिपाया था। अकालतख्त एक्सप्रेस में मिले 1.75 करोड़ नकद के बाद यह दूसरी बड़ी बरामदगी है।

Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रेल मार्ग के जरिए हो रही तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा एजेंसियों को एक के बाद एक बड़ी कामयाबी मिल रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) पर अकालतख्त एक्सप्रेस से 1.75 करोड़ रुपये नकद बरामद होने के कुछ ही समय बाद, वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस से करोड़ों रुपये का सोना जब्त किया गया है। महाराष्ट्र के दो तस्करों के पास से 24 कैरेट शुद्ध सोने के 19 बिस्किट मिले हैं, जिनका कुल वजन 2.215 किलोग्राम है।
पैंट की कमर में छिपाकर रखी थी करोड़ों की 'चमक'
वाराणसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर राजधानी एक्सप्रेस की घेराबंदी की। ट्रेन के बी-8 कोच के दरवाजे पर खड़े दो संदिग्ध व्यक्तियों को जब पुलिस ने टोका, तो वे बुरी तरह सकपका गए। उनकी तलाशी ली गई तो पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपियों ने सोने के बिस्किटों को अपनी पैंट की कमर वाली सिलाई में विशेष पॉकेट बनाकर छिपाया था।
पकड़े गए आरोपियों में महाराष्ट्र के सतारा जिले का बालासो जाधव और पुणे का तेजस बालासाहेब पवार शामिल है। बालासो के पास से 10 और तेजस के पास से 9 सोने के बिस्किट बरामद हुए। बरामद सोने की शुद्धता 24 कैरेट है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 3.55 करोड़ रुपये आंकी गई है।
अफ्रीका से बांग्लादेश के रास्ते भारत पहुंचा सोना
जीआरपी आईजी एन. कोलांची ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह विदेशी तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क लग रहा है। यह सोना मूल रूप से अफ्रीका से तस्करी कर लाया गया था। तस्करों ने इसे बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल के कूंच विहार पहुंचाया, जहां एक हैंडलर ने इन दोनों युवकों को सोना सुपुर्द किया। पकड़े जाने के डर से दोनों युवक बस से बिहार के कटिहार पहुंचे और वहां से राजधानी एक्सप्रेस में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। दिल्ली में इस सोने को किसी बड़े ज्वेलरी सिंडिकेट को सौंपा जाना था।
एजेंसियों का साझा शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग, राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों ने भी आरोपियों से घंटों पूछताछ की। इससे पहले मुगलसराय में अकालतख्त एक्सप्रेस से मिले 1.75 करोड़ रुपये के मामले में भी हवाला कनेक्शन की जांच चल रही है। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि चुनावी माहौल या अन्य अवैध गतिविधियों के लिए वाराणसी रूट का इस्तेमाल सोने और नकदी की तस्करी के लिए किया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ सीमा शुल्क अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।




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