गंगा में नाव पर इफ्तार करने वालों की जमानत पर सुनवाई से पहले मुश्किलें बढ़ीं, एक और केस दर्ज
वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 आरोपियों की जमानत याचिका पर 30 मार्च को जिला जज की अदालत में सुनवाई होगी। इस बीच, वादी के वकील को जान से मारने की धमकी मिलने पर पुलिस ने 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया है।

वाराणसी में बजड़े (बड़ी नाव) पर इफ्तार पार्टी करने और चिकन बिरयानी के अवशेष गंगा में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार युवकों पर शिकंजा और कस गया है। युवकों की तरफ से दाखिल की गई जमानत अर्जी पर जिला जज की अदालत में सुनवाई होनी है। उससे ठीक पहले एक नया मुकदमा दर्ज होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब इस मामले में आरोप लगाने वाले भाजयुमो नेता के अधिवक्ता को धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। अधिवक्ता की तरफ से केस दर्ज करा दिया गया है।
जिला जज की कोर्ट में 30 मार्च को होगी सुनवाई
गंगा में बजड़े पर चिकन बिरयानी की इफ्तार पार्टी करने, उसके अवशेष पवित्र गंगा में फेंकने और नाविक को जान से मारने की धमकी देने के मामले में जेल में बंद 14 आरोपियों ने मंगलवार को जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की। कोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई के लिए 30 मार्च की तिथि निर्धारित की है। इससे पहले, एसीजेएम नवम अमित यादव की अदालत ने इन सभी आरोपियों—आजाद, आमिर, दानिश, मो. अहमद, नेहाल, महफूज, अनस, अव्वल, तहसीम, मो. अहमद, नूर इस्माइल, तौसीफ, फैजान और समीर—की जमानत अर्जी को अपराध की गंभीरता देखते हुए खारिज कर दिया था।
नया मोड़: अधिवक्ता को मिली जान से मारने की धमकी
जमानत पर सुनवाई से पहले ही वाराणसी में माहौल उस समय गरमा गया जब मामले के मुख्य वादी और भाजयुमो महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल के अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। अधिवक्ता के अनुसार, 19 मार्च की शाम जब वह अदालत में बहस करने के बाद परिसर में पहुंचे, तो वहां 5-6 अज्ञात युवक रजत जायसवाल को जान से मारने की साजिश रच रहे थे। जब अधिवक्ता ने इस पर आपत्ति जताई, तो आरोपियों ने उन्हें भी अंजाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी।
कैंट थाने में मुकदमा दर्ज
इस घटना के बाद अधिवक्ता की तहरीर पर कैंट पुलिस ने मंगलवार देर रात छह अज्ञात हमलावरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब कोर्ट परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि धमकी देने वालों की पहचान की जा सके। वाराणसी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोर्ट की कार्यवाही को प्रभावित करने या गवाहों व वकीलों को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' के तहत कार्रवाई की जाएगी।
क्या था मूल विवाद?
वाराणसी में पिछले दिनों गंगा के बीचो-बीच एक बजड़े पर इफ्तार पार्टी का वीडियो वायरल हुआ था। आरोप है कि इस दौरान गंगा की मर्यादा के विपरीत मांसाहार (चिकन बिरयानी) का सेवन किया गया और जूठन व अवशेषों को सीधे गंगा में फेंका गया। इस घटना से स्थानीय नागरिकों और तीर्थ पुरोहितों में भारी आक्रोश था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सामूहिक गिरफ्तारी की थी।




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