जिहादियों के व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े डॉक्टर के घर पहुंची यूपी एटीएस की टीम, बेटे से पूछताछ
मुंबई एटीएस ने यूपी एटीएस और आईबी के साथ मिलकर वाराणसी के आदमपुर में एक चिकित्सक के घर छापेमारी की। चिकित्सक का 19 वर्षीय बेटा मुंबई के एक कट्टरपंथी व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ा था, जहां कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री और जिहादी वीडियो साझा किए जा रहे थे।

जिहाद और धर्म को लेकर कट्टरता रखने वाले मुंबई के एक व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े आदमपुर के चिकित्सक के 19 वर्षीय बेटे से मुंबई एटीएस ने मंगलवार को गहन पूछताछ की। करीब आठ घंटे पूछताछ के बाद एटीएस उसका लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, प्रिंटर आदि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने साथ ले गई। चिकित्सक के बेटे को 22 अप्रैल को मुंबई एटीएस मुख्यालय तलब किया गया है। यूपी एटीएस और आईबी की टीम भी मौजूद थी।
मुंबई एटीएस ने जेहाद और धर्म को लेकर कट्टरता को बढ़ावा देने के मामले में एक केस दर्ज किया है। जांच के दौरान व्हाट्सऐप ग्रुप और एक डायरी में चिकित्सक के पुत्र का भी नंबर मिला था। आरोप है कि वह भी इस ग्रुप में सक्रिय था। आपत्तिजनक सामग्रियां, वीडियो, तस्वीरें, संदेश आदि शेयर किए थे। इसी आधार पर मुंबई एटीएस चिकित्सक के पुत्र का नंबर सर्विलांस पर लगवाकर उसकी गतिविधियों की निगरानी की। चार से पांच दिन की निगरानी के बाद मुंबई एटीएस ने यूपी एटीएस को सूचना दी।
सुबह करीब 10 बजे मुंबई और यूपी एटीएस के साथ आईबी की टीम आदमपुर पहुंची। चिकित्सक के आवास के आसपास गतिविधियां देखी। इसके बाद चिकित्सक को बुलाया। परिवार के अन्य सदस्यों को पहचान बताते हुए टीम अंदर गई। मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। परिवार के किसी सदस्य को बाहर आने की अनुमति थी। शाम करीब सात बजे तक चिकित्सक के बेटे से गहन पूछताछ की जाती रही।
ऑनलाइन माध्यम से नंबर लेने के बाद जिहादियों के ग्रुप से जुड़ने की आशंका है। चिकित्सक तथा परिवार के अन्य सदस्यों, रिश्तेदारों का भी पूरा ब्योरा लिया गया है। सभी के आय के स्रोत से लेकर परिवार के एक-एक सदस्य के संपर्कों की जानकारी भी ली गई। चिकित्सक का पुत्र नीट की तैयारी करता है।
एनआईए गाजियाबाद में पकड़े गए पाक जासूसों की जांच करेगी
लखनऊ। उधर, गाजियाबाद, दिल्ली, सोनीपत समेत अन्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर पाकिस्तानी हैंडलर के लिए जासूसी करने वाले गिरोह की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। मामले में गाजियाबाद के कौशांबी थाने में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर महिला समेत 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। मामला कई राज्यों से जुड़ा होने के चलते एनआईए ने यह जांच अपने हाथ में ली है।
गाजियाबाद पुलिस ने पिछले माह रेलवे स्टेशन, सुरक्षा बलों से जुड़े प्रमुख स्थानों व अन्य संवेदनशील स्थानों की वीडियो बनाकर उन्हें पाकिस्तान में बैठे हैंडलर तक पहुंचाए जाने की गोपनीय सूचना पर कार्रवाई की थी। गाजियाबाद पुलिस ने सबसे पहले मूलरूप से बिजनौर निवासी सुहेल मलिक उर्फ रोमियो, संभल की निवासी इरम उर्फ महक, प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि व रितिक गंगवार को गिरफ्तार कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया था। गिरोह को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर फंडिंग कर रहे थे। आरोपियों के फोन से कई संवेदनशील स्थानों के वीडियो व फोटो भी बरामद हुए थे।




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