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यूपी में श्रम कानूनों में बड़े बदलाव की तैयारी, कारोबारियों को यह करना जरूरी, कर्मचारियों को मिलेगी राहत

उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों और निजी कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए ‘उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा नियमावली 2026’ का प्रारूप जारी किया है। इसके तहत अब 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य होगा।

Fri, 3 April 2026 07:58 AMYogesh Yadav राजकुमार शर्मा, लखनऊ
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यूपी में श्रम कानूनों में बड़े बदलाव की तैयारी, कारोबारियों को यह करना जरूरी, कर्मचारियों को मिलेगी राहत

यूपी की योगी सरकार ने श्रमिकों और निजी प्रतिष्ठानोंम में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाओं में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठा लिया है। सभी प्रतिष्ठानों को अब ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। 10 या उससे अधिक कर्मियों वाले संस्थानों के लिए यह अनिवार्य होगा। कर्मियों की संख्या के आधार पर पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा। ‘उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा नियमावली 2026’ का प्रारूप जारी कर दिया है। इस नई व्यवस्था के लागू होते ही यूपी में लागू आठ पुराने श्रम नियम समाप्त हो जाएंगे और उनकी जगह एकीकृत श्रम कानून ले लेगा।

यह नियमावली उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता-2020 के तहत तैयार की गई है। सरकार ने मसौदे पर 45 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। नए प्रावधानों के तहत सभी कारखानों, निर्माण स्थलों और अन्य प्रतिष्ठानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण नहीं कराने पर 10 प्रतिशत वार्षिक विलंब शुल्क देना होगा। साथ ही प्रतिष्ठानों को अपने सभी विवरण पोर्टल पर अपडेट रखने होंगे और किसी भी बदलाव की सूचना 30 दिनों के भीतर देनी होगी।

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खतरनाक उद्योगों के कर्मियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण

नियमावली में नियोक्ताओं की जिम्मेदारियों को भी परिभाषित किया गया है। कार्यस्थल पर मशीनों और उपकरणों को सुरक्षित बनाना अनिवार्य होगा ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। लगातार चलने वाली मशीनों और कन्वेयर बेल्ट पर काम करने वाले कर्मियों के लिए कार्य अवधि और गति का निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत 45 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों की वार्षिक चिकित्सा जांच अनिवार्य की गई है। खतरनाक उद्योगों में कार्यरत कर्मियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण का प्रावधान भी शामिल है। पांच मंजिल या 20 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले प्रतिष्ठानों में आपातकालीन योजना बनाना और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण देना अनिवार्य होगा।

हर कर्मचारी को देना होगा नियुक्ति पत्र

नई नियमावली में नियुक्ति प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाया गया है। प्रत्येक कर्मचारी को कार्य प्रारंभ करने से पहले नियुक्ति पत्र देना होगा। एक महीने के भीतर पहचान पत्र जारी करना अनिवार्य किया गया है। किसी भी दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में नियोक्ता को तत्काल ऑनलाइन सूचना देनी होगी। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि केवल उन्हीं आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया जाएगा जो प्रकाशन की तिथि से 45 दिनों के भीतर प्रमुख सचिव श्रम या श्रम आयुक्त को भेजे जाएंगे। इसके बाद नियमावली को अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा।

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खत्म होंगे ये पुराने नियम

संविदा श्रम नियम 1975, अंतरराज्यीय प्रवासी कामगार नियम 1981, बीड़ी और सिगार श्रमिक नियम 1969, कारखाना नियम 1950, कारखाना सुरक्षा अधिकारी नियम 1984, भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार नियम 2009

यह होगा पंजीकरण शुल्क

10 से 20 कर्मी- 500 रुपये

20 से 100 कर्मी- 1000 रुपये

100 से 500 कर्मी- 15000 रुपये

500 से 1000 कर्मी- 25000 रुपये

1000 से अधिक कर्मी- 100000 रुपये

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