आवासीय योजना में रहने वालों को बड़ी राहत देने की तैयारी, सरकार ने निकायों से मांगा यह प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटी आवासीय योजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में रहने वालों को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है।सरकार ने सभी निकायों से ऐसी कॉलोनियों में सुविधाओं को लेकर प्रस्ताव मांगा है।

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और अन्य छोटी आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। स ने राज्य के सभी नगर निकायों से ऐसी आवासीय योजनाओं का विस्तृत प्रस्ताव मांगा है, जहाँ आवंटन के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन कॉलोनियों में सीवर, पेयजल, ड्रेनेज और बिजली जैसी अनिवार्य सेवाएं सुनिश्चित करना है।
शिकायतों के बाद जागा प्रशासन
प्रदेश भर में बिल्डरों और विकास प्राधिकरणों के माध्यम से 1000 से 2000 मकानों वाली कई छोटी आवासीय योजनाएं संचालित हैं। शासन को पिछले काफी समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। कई शहरों से ऐसी खबरें भी आईं कि सीवर लाइन, पक्की सड़कों और उचित जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण लोग मकान आवंटित होने के बाद भी वहाँ रहने नहीं जा रहे हैं। खासकर बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या इन इलाकों में विकराल रूप ले लेती है।
बहु-विभागीय समन्वय से होगा कायाकल्प
हाल ही में शासन स्तर पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन कॉलोनियों के विकास की जिम्मेदारी अब केवल एक विभाग की नहीं होगी। सरकार ने 'इंटर-डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन' (अंतर-विभागीय समन्वय) का मॉडल तैयार किया है:
नगर निकाय और पीडब्ल्यूडी (PWD): कॉलोनियों के भीतर और बाहर संपर्क मार्गों तथा पक्की सड़कों का निर्माण करेंगे।
ऊर्जा विभाग: इन कॉलोनियों में बिजली की लाइन बिछाने, ट्रांसफार्मर लगाने और हर घर को सुचारू बिजली कनेक्शन देने की जिम्मेदारी संभालेगा।
जल निगम और स्थानीय निकाय: सीवर लाइन, पेयजल आपूर्ति और नाली-नालों के निर्माण के माध्यम से जल निकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
सर्वे के आधार पर शुरू होगा काम
शासन ने निकायों से पूछा है कि उनके अधिकार क्षेत्र में ऐसी कितनी आवासीय योजनाएं हैं जहाँ सुविधाएं अधूरी हैं। निकायों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर बजट आवंटित किया जाएगा और संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे। इस कदम से न केवल प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को लाभ होगा, बल्कि शहरों के नियोजित विकास को भी गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि जब बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी, तभी इन कॉलोनियों में शत-प्रतिशत बसावट संभव हो पाएगी।




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