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योगी सरकार में मंत्री बनने का इंतजार कर रहे विधायकों को झटका, इस वजह से दो महीने बाद ही विस्तार

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री बनने  का इंतजार कर रहे विधायकों को झटका लगा है। उनका इंतजार बढ़ गया है। यह इंतजार कम से कम दो महीने बढ़ा है। अब मई या उसके बाद ही टीम योगी में बदलाव की संभावना है।

Tue, 10 March 2026 12:43 PMYogesh Yadav लखनऊ राजकुमार शर्मा
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योगी सरकार में मंत्री बनने का इंतजार कर रहे विधायकों को झटका, इस वजह से दो महीने बाद ही विस्तार

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुप्रतीक्षित योगी मंत्रिमंडल का विस्तार फिलहाल ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। सत्ता के गलियारों में चर्चा थी कि होली के आसपास नई टीम का एलान हो सकता है, लेकिन अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी प्राथमिकताएं बदल दी हैं। ऐसे में कई विधायकों के मंत्री बनने का इंतजार बढ़ गया है। यह इंतजार कम से कम दो महीने बढ़ा है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, अब पश्चिम बंगाल और असम समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद ही उत्तर प्रदेश में कोई बदलाव होगा।

पांच राज्यों के चुनाव और बिहार का समीकरण

भाजपा सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व इस समय पूरी तरह से पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों में व्यस्त है। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री की ताजपोशी को लेकर चल रही सियासी हलचल ने भी दिल्ली का ध्यान अपनी ओर खींच रखा है। पार्टी आलाकमान का मानना है कि इन महत्वपूर्ण राज्यों के चुनावी समर के बीच उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार करना सांगठनिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा। नेतृत्व फिलहाल अपनी पूरी ऊर्जा इन राज्यों में जीत सुनिश्चित करने पर लगाना चाहता है।

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पिछले चुनाव जैसी रणनीति

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब मंत्रिमंडल विस्तार मई 2026 तक खिंच सकता है। उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व और आरएसएस (RSS) फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। पार्टी का उद्देश्य एक ऐसा संतुलित मंत्रिमंडल तैयार करना है जो जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए अगले चुनाव की राह आसान कर सके। इतिहास गवाह है कि 2022 के चुनाव से ठीक 6 महीने पहले, सितंबर 2021 में भी अंतिम समय में विस्तार किया गया था। संभवतः इस बार भी वही रणनीति अपनाई जाएगी।

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खाली पदों का गणित

मौजूदा स्थिति की बात करें तो योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत 25 मार्च 2022 को 53 मंत्रियों के साथ हुई थी। इनमें से कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद अब केंद्र में मंत्री बन चुके हैं और राज्यमंत्री अनूप प्रधान वाल्मीकि अब सांसद हैं। नियमों के अनुसार, यूपी विधानसभा की सदस्य संख्या के आधार पर अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। यानी अभी भी करीब 9 से 10 मंत्रियों की जगह खाली है।

इस विस्तार में न केवल नए चेहरों को शामिल किया जाना है, बल्कि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना है। फिलहाल, दावेदारी ठोक रहे विधायकों को 'धैर्य' के साथ चुनावी नतीजों का इंतजार करना होगा।

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