UP Weather: यूपी में अब बादलों की आवाजाही से बदल सकता है मौसम, स्थिर रहेगा तापमान
यूपी में गर्मी के आगाज के साथ बादलों की आवाजाही भी शुरू हो गई है। इससे तापमान स्थिर हो गया है। अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज रहेगा। अभी बदलाव के आसार नहीं हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान स्थिर रहा।

यूपी में गर्मी के आगाज के साथ बादलों की आवाजाही भी शुरू हो गई है। इससे तापमान स्थिर हो गया है। अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज रहेगा। अभी बदलाव के आसार नहीं हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान स्थिर रहा। इसे 31 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक होकर 14.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 91 दर्ज किया गया।
इसी कारण सुबह से लेकर देर शाम तक गर्मी का एहसास हो रहा है। देर रात में हल्की सर्दी महसूस की जा रही है। गुरुवार को कई क्षेत्र में बादलों की आवाजाही भी देखी गई। इससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी नहीं हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक दो मार्च तक स्थिरता बनी रहेगी। इसके बाद पारे में बढ़ोतरी हो सकती है। तब तक बारिश आदि के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार होली तक ऐसा ही गर्म मौसम रहने की संभावना है।
मौसम बदला, पतझड़ शुरू
फरवरी के महीने का अंत आते ही यूपी में ऋतु परिवर्तन का असर साफ दिखने लगा है। पिछले एक सप्ताह से तापमान में लगातार हो रही वृद्धि के साथ ही जिले में पतझड़ के मौसम की विधिवत शुरुआत हो गई है। पेड़ों से गिरते सूखे पत्ते और दोपहर की बढ़ती तपिश इस बात का संकेत दे रही है कि राज्य में अब कड़ाके की ठंड बीते दिनों की बात हो गई है। बता दें के शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रकृति के मिजाज में बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि बढ़ती धूप के कारण वातावरण में आर्द्रता कम हुई है। इससे पेड़ों के पुराने पत्ते गिरने शुरू हो गए हैं।
अधिकतम तापमान अब 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है। जबकि न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। बता दें कि इस समय फागुनी बयार बहने लगी है। एक ओर जहां पतझड़ प्रकृति को नए श्रृंगार के लिए तैयार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर लोग होली के स्वागत के लिए पूरी तरह उत्साहित नजर आ रहे हैं। बदलते मौसम में सावधानी बरतने की स्वास्थ्य और सतर्कता जरूरी चिकित्सकों ने इस बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों के मुताबिक, दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंड के कारण वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में खान-पान पर विशेष ध्यान देने और ठंडी चीजों से परहेज करने की आवश्यकता है।




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