बारिश से अप्रैल में जनवरी-फरवरी जैसा अहसास, यूपी के इन जिलों में 11 से 13 डिग्री तक पहुंचा पारा
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने अप्रैल में जनवरी-फरवरी जैसी ठंड का अहसास करा दिया है। नजीबाबाद और बांदा में पारा 11 से 12 डिग्री तक लुढ़क गया है, जबकि बरेली में सर्वाधिक 87 मिमी बारिश दर्ज की गई।

उत्तर प्रदेश में मौसम का चक्र पूरी तरह से बदल गया है। अप्रैल के महीने में जहाँ सूरज की तपिश और लू का प्रकोप होता है, वहीं इस बार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते प्रदेश के ज्यादातर जिलों में रात के समय जनवरी-फरवरी जैसी ठंड का अहसास हो रहा है। लगातार हुई बारिश और ओलावृष्टि ने तापमान को इस कदर गिरा दिया है कि कई शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 9 डिग्री तक नीचे चला गया है।
नजीबाबाद और बांदा में सबसे ज्यादा ठंड
अमौसी स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित नजीबाबाद में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.9 डिग्री नीचे गिरकर 11.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं, बुंदेलखंड के बांदा में तापमान में सबसे भारी गिरावट देखी गई, जहाँ पारा सामान्य से 9.4 डिग्री कम होकर 12.0 डिग्री दर्ज किया गया। हरदोई में भी स्थिति ऐसी ही रही, जहाँ न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री रहा, जो सामान्य से 7.9 डिग्री कम है। इन आंकड़ों ने अप्रैल के महीने में सर्दियों की वापसी का संकेत दिया है।
बरेली में मूसलाधार बारिश का रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के दोनों हिस्सों (पूर्वी और पश्चिमी) में हल्की से भारी बारिश दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव बरेली में देखने को मिला, जहाँ प्रदेश में सबसे अधिक 87 मिलीमीटर बारिश हुई। बरेली के बहेड़ी इलाके में मूसलाधार वर्षा ने जनजीवन को प्रभावित किया। इसके अलावा लखीमपुर खीरी के शारदानगर में 29.4 मिमी और कानपुर नगर के बिल्हौर में 27.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश का सिलसिला प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी जारी रहा। शाहजहांपुर में 20.3 मिमी, मेरठ के सरधना में 16.0 मिमी, मुरादाबाद के बिलारी में 14.2 मिमी और मुजफ्फरनगर में 10.6 मिमी वर्षा हुई। बहराइच के कतर्नियाघाट में 20.0 मिमी और बलिया के गायघाट में 15.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद में 7.5 मिमी और उन्नाव के हसनगंज में 12 मिमी वर्षा से मौसम सुहावना बना रहा।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। आने वाले 24 से 48 घंटों में आसमान साफ होने की संभावना है। विक्षोभ का असर खत्म होते ही धूप की तीव्रता बढ़ेगी और तापमान में तेजी से उछाल आएगा। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले एक सप्ताह के भीतर अधिकतम तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है, जिससे एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू होगा। फिलहाल, इस बेमौसम बारिश ने किसानों की रबी फसलों (खासकर गेहूं और सरसों) को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे ग्रामीण अंचलों में चिंता का माहौल है।




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