UP Varanasi Loot gang networking Company Busted 10 Arrested 38 Girl boys Released वाराणसी में ठगी गिरोह ने बंधक बनाए 38 युवक-युवती, पुलिस रेड में मिला फर्जी कॉल सेंटर, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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वाराणसी में ठगी गिरोह ने बंधक बनाए 38 युवक-युवती, पुलिस रेड में मिला फर्जी कॉल सेंटर

वाराणसी में 38 युवक और युवती ठगी गिरोह से मुक्त करवाए गए हैं। युवक, युवतियों को बंधक बनाया गया था। बंधक बनाकर नेटवर्क मार्केटिंग तैयार किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुक्त करवाया। नौकरी का झांसा देकर युवाओं को निशाना बनाते थे।

Mon, 27 Oct 2025 06:04 PMSrishti Kunj संवाददाता, सारनाथ
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वाराणसी में ठगी गिरोह ने बंधक बनाए 38 युवक-युवती, पुलिस रेड में मिला फर्जी कॉल सेंटर

वाराणसी में 38 युवक और युवती ठगी गिरोह से मुक्त करवाए गए हैं। युवक, युवतियों को बंधक बनाया गया था। बंधक बनाकर नेटवर्क मार्केटिंग तैयार किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुक्त करवाया। नौकरी का झांसा देकर युवाओं को निशाना बनाते थे। ठगी के लिए वाराणसी में कॉल सेंटर बनाया था। यूपी पहड़िया की श्रीकृष्णा नगर कॉलोनी में नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी से जोड़कर जबरदस्ती काम कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।

सारनाथ पुलिस ने छापेमारी कर मौके से 10 लोगों को हिरासत में लिया है। डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने आरोपियों से पूछताछ की। डीसीपी ने बताया कि साइबर सेल के ‘प्रतिबिंब’ पोर्टल पर तारकेश्वरम मिश्रा के मकान में संचालित एक कॉल सेंटर की शिकायत मिली थी। इस आधार पर पुलिस बल के साथ छापेमारी की गई। मौके से करीब 50 युवक और कुछ युवतियां मिलीं।

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पकड़े गए युवक-युवतियों में अधिकतर पीड़ित ही हैं, जिनसे जबरन काम कराया जा रहा था। आरंभिक छानबीन में पता चला है कि ऑनलाइन जॉब पोर्टल पर जो युवक और युवतियां अपना बायोडाटा अपलोड करते उनका नंबर लेकर गिरोह के टेली कॉलर उन्हें फोन करते थे। उन्हें डाटा एंट्री, टेलीकॉलर या फिर दफ्तरों में नौकरी दिलाने के नाम पर बुलाते थे।

प्रति व्यक्ति 2800 रुपये लेकर तीन दिन प्रशिक्षण देते थे। फिर 10 से 50 हजार रुपये लेकर एक किट देते थे। इसके बाद नौकरी दिलाने की जगह दबाव बनाकर नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी से जोड़ते थे। दूसरे युवाओं को जोड़ने का दबाव बनाते थे। नए लोगों को जोड़ने का टारगेट देते थे। लक्ष्य पूरा करने पर कुछ इंसेंटिव देते थे। डीसीपी ने बताया कि टीम लीडर, मुख्य मैनेजर समेत 10 को हिरासत में लिया गया है। वहीं पकड़े गए टेली कॉलर खुद पीड़ित थे, जिनसे तहरीर ली गई है।

बेरोजगार युवाओं को फंसाने का तरीका

एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि यहां बेरोजगार युवकों को 10 हजार, 20 हजार, 30 हजार एवं 50 हजार का किट दिया जाता था। इसमें पैंट, शर्ट और बेल्ट एवं अन्य सामग्री होती थी। उन्हें अपनी नेटवर्किंग में जोड़ने के नाम पर कमीशन दिया जाता था।

युवाओं को मिले इंसेंटिव के पैसे भी काफी हिस्सा जबरन हड़प लेते थे। पुलिस ने मौके से कंप्यूटर, डॉक्यूमेंट सहित कई सामान जब्त किया है।

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