टूटी चप्पल के कारण जेल! शोरूम मैनेजर की गिरफ्तारी के आदेश, गैर जमानती वारंट जारी
शोरूम ने चप्पल बेचते समय वादा किया था कि 6 महीने तक चप्पल नहीं टूटेगी इसकी वारंटी है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चप्पल टूटी तो ग्राहक वापस शोरूम पहुंचा। लेकिन उसे इसका हल नहीं मिला तो मामला कोर्ट तक घसिट गया।

एक शोरूम मैनेजर को एक टूटी चप्पल बहुत भारी पड़ रही है। वारंटी के चक्कर में फंसे कस्टमर और शोरूम मैनेजर का मामला कोर्ट तक पहुंचा तो गिरफ्तारी के आदेश के साथ गैर-जमानती वारंट भी जारी हो गया। बताया जा रहा है कि शोरूम ने चप्पल बेचते समय वादा किया था कि 6 महीने तक चप्पल नहीं टूटेगी इसकी वारंटी है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चप्पल टूटी तो ग्राहक वापस शोरूम पहुंचा। लेकिन उसे इसका हल नहीं मिला तो मामला कोर्ट तक घसिट गया। अब कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए शोरूम प्रबंधक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया।
मामला है यूपी के सीतापुर का। सीतापुर के एक ग्राहक आरिफ ने 10 मई 2022 को लिबर्टी शोरूम से 1700 रुपये में एक चप्पल खरीदी। चप्पल बेचते वक्त शोरूम ने वारंटी देते हुए कहा था कि चप्पल छह महीने में टूटी तो बदली जाएगी। आरिफ ने चप्पल इस्तेमाल की तो 6 महीने के अंदर ही चप्पल टूटने लगी। आरिफ इस बात की शिकायत लेकर शोरूम पहुंचे तो शोरूम ने मना कर दिया। उन्होंने आरिफ को वारंटी क्लेम नहीं करने दी। इसी से परेशान होकर आरिफ ने कोर्ट का रास्ता अपनाया। उन्होंने लिबर्टी शोरूम के प्रबंधक के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में केस दर्ज करवा दिया।
कोर्ट ने मामले में सुनवाई की और आदेश दिए की शोरूम आठ जनवरी 2024 तक चप्पल की कीमत और मानसिक प्रताड़ना के लिए 2500 व मुकदमें में खर्च के रुप में 5000 रुपये आरिफ को दे। लेकिन इसके बाद भी शोरूम ने उपभोक्ता फोरम के आदेश को दरकिनार कर दिया। इसपर कोई भी एक्शन नहीं लिया। अब उपभोक्ता फोरम का आदेश नहीं मानने पर शोरूम के मैनेजर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। फोरम ने जिले के एसपी को पत्र लिखकर आदेश दिया है कि आरोपी को दो जनवरी तक गिरफ्तार कर वारंट की तमील कराई जाए। एक चप्पल के कारण अब शोरूम के मैनेजर की गिरफ्तारी होगी।




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