यूपी के इस ग्राम पंचायत के सचिव को डीएम ने किया सस्पेंड, एडीओ पर भी ऐक्शन
यूपी के सीतापुर में डीएम ने ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ ऐक्शन लिया है। डीएम ने सचिव को सस्पेंड कर दिया है। ग्राम विकास अधिकारी और टेक्निकल असिस्टेंट को नोटिस जारी की गई। पंचायत भवन में पत्रवालियां न होने पर एडीओ पंचायत को स्पष्टीकरण के निर्देश दिए।

विकासखंड गोंदलामऊ के ग्राम पंचायत कुर्सी के पंचायत भवन के निरीक्षण में डीएम डॉ. राजा गणपति आर को खामियां ही खामियां मिलीं। पंचायत भवन के कार्यों में लापरवाही बरतने, निरंतर पंचायत भवन में न आने और शासन की मंशानुरूप कार्य न होने पर डीएम ने तत्काल प्रभाव से पंचायत सचिव को निलंबित करने की कार्रवाई की। निर्माण की पत्रावलियां न मिलने एवं अन्य अभिलेख प्रस्तुत न करने पर ग्राम विकास अधिकारी और टेक्निकल असिस्टेंट को नोटिस जारी की गई। साथ ही पत्रावलियां सही ढंग से न दिखाये जाने और पंचायत भवन में पत्रवालियां न होने पर एडीओ पंचायत को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर रविवार को विकासखंड गोंदलामऊ के ग्राम पंचायत कुर्सी पहुंच गए, जहां उन्होंने पंचायत भवन का निरीक्षण किया। जहां मास्टर रजिस्टर न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत में कराए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और पंचायत भवन की प्रकाश व्यवस्था सही न होने पर खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार पर नाराज दिखे। पंचायत सचिव के भवन के कार्यों में लापरवाही बरतने और निरंतर पंचायत भवन में न आने पर अनुशासनिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सचिव विकास तिवारी के पास मास्टर रजिस्टर एवं आवश्यक पत्रावलियां न होने, अन्नपूर्णा भवन बने न होने, उसका स्थान चिन्हित न होने के साथ साथ कार्यों में घोर लापरवाही, अन्य कमियां पाए जाने एवं शासन की मंशानुरूप कार्य न होने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई की। साथ ही ग्राम प्रधान की भी सहभागिता होने पर उसे नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं नाली निर्माण की पत्रावलियां न मिलने एवं अन्य अभिलेख प्रस्तुत न करने पर ग्राम विकास अधिकारी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नोटिस जारी किया।
मनरेगा द्वारा कराए गए कार्यों का अवलोकन किया और एक साल में किए गए मनरेगा कार्यों की जानकारी ली, जिसमें टेक्निकल असिस्टेंट द्वारा मनरेगा के कार्य कम होने, पत्रवालियां न होने एवं कार्यों में लापरवाही पर नोटिस जाकी गई। डीएम ने खंड विकास अधिकारी से डिजिटल लाइब्रेरी की जानकारी ली और एडीओ पंचायत राजेश कुमार से बात की। एडीओ पंचायत सही ढंग से पत्रावलियां दिखा नहीं पाए। ऐसे में उन्हें स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए। डीएम की इस कार्रवाई से विकासखंड के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।




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