UP SIR: मुस्लिम परिवार के मकान में निकले 7 हिंदू मतदाता, मकान मालिक ने डीएम से लगाई गुहार
मतदाता गहन पुनरीक्षण अभियान को बहुत सतर्कता के साथ किया गया, बावजूद इसके बड़ी खामिया सामने आई है। शहर के अबूबकर नगर उत्तरी के रहने वाले अंजुम रहमान की मकान में 7 हिंदू मतदाता का नाम शामिल कर दिया गया है। अंजुम का मकान नंबर 501 है, जिसमें उनके परिवार के मतदाताओं का नाम शामिल हैं।

यूपी के देवरिया में मतदाता गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में लापरवाही सामने आई है। मुस्लिम परिवार के मकान में सात हिंदू मतदाताओं का नाम दिखाया गया है। मतदाता सूची देखने के बाद मकान मालिक ने सोमवार को डीएम से मुलाकात की और फर्जी मतदाताओं का नाम तत्काल मतदाता सूची से बाहर करने की मांग की। डीएम दिव्या मित्तल ने प्रकरण की जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा को सौंपा है। लापरवाही बरतने वाले बीएलओ पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
मतदाता गहन पुनरीक्षण अभियान को बहुत सतर्कता के साथ किया गया, बावजूद इसके बड़ी खामिया सामने आई है। शहर के अबूबकर नगर उत्तरी के रहने वाले अंजुम रहमान की मकान में सात हिंदू मतदाता का नाम शामिल कर दिया गया है। अंजुम का मकान नंबर 501 है, जिसमें उनके परिवार के मतदाताओं का नाम शामिल हैं और उनका मतदान केंद्र एसएसबीएल इंटर कालेज है। मकान नंबर 501 में उनके परिवार के साथ ही विनोद मद्धेशिया पुत्र रामाधार, बिंदू देवी पत्नी बलिराम का नाम दर्ज है।
जबकि 501/2 में अशोक कुमार पुत्र मुकेश्वर प्रसाद, मणी देवी पत्नी अशोक गुप्ता, दुर्गेश गुप्ता पुत्र अशोक गुप्ता, मीरा सिंह के पुत्र आदित्य सिंह का नाम दर्ज हो गया है। जब मतदाता सूची अंजुम रहमान ने निकलवाई तो उनके पैर तले जमीन ही खिसक गई। सोमवार को डीएम के यहां पहुंच गए शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके मकान का बंटवारा ही नहीं हुआ है तो 501/2 कैसे मकान संख्या हो गया है? यह फर्जी मतदाता कौन है? यह तो हमारे मोहल्ले में भी निवास नहीं करते। ऐसे में उनका नाम कैसे दर्ज हो गया? डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है।
2003 के मतदाता सूची में नाम नहीं, फिर कैसे आया नाम
एसआईआर में 2003 के मतदाता सूची से मतदाताओं का नाम मिलाया जा रहा है, जबकि 2003 के मतदाता सूची में इन सात हिंदू मतदाताओं का नाम नहीं है। बावजूद इसके उनका नाम कैसे आ गया? यह बड़ा सवाल है। इसकी जांच ठीक से हो तो कई मामले सामने आए जाएंगे।
क्या बोले अधिकारी
देवरिया के एडीएम प्रशासन प्रेम नारायण सिंह ने कहा कि प्रकरण की जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके तहत कार्रवाई की जाएगी।




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