दलितों के खिलाफ अपराध में यूपी नंबर वन; NCRB डेटा के बहाने अखिलेश ने योगी पर बोला हमला
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने NCRB 2023 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दलितों के खिलाफ अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट समाचार के रूप में प्रसारित और प्रकाशित होनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो 2023 के आंकड़ों का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने योगी सरकार पर दलितों के खिलाफ अपराध बढ़ने का आरोप लगाया। कहा कि दलितों के साथ अपराध में यूपी पहले नंबर पर है।
अखिलेश यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ग्राफिक्स शेयर करते हुए लिखा,“एक आंकड़ा यह भी है।" दरअसल दलितों के प्रति 15,130 अपराध के मामलों के साथ उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है, जिसके बाद राजस्थान 8,449 मामलों के साथ दूसरे और मध्यप्रदेश 8,232 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है।” इस ग्राफिक्स को शीर्षक दिया, “दलितों के साथ अपराध में उत्तर प्रदेश नंबर वन।”
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ये आंकड़े भाजपा सरकार के उन दावों की पोल खोलते हैं, जिनमें सभी समुदायों की सुरक्षा की बात कही जाती है। अखिलेश यादव ने लिखा, “भाजपा सरकार के काम को सिर्फ पक्षपात के चश्मे से नहीं, बल्कि पीड़ा भरी आंख से भी देखा जाए। उत्तर प्रदेश में दलित दमन चरम पर है। एक टीवी शो इस आंकड़े पर भी होना चाहिए। एक होर्डिंग इस सच का भी लगना चाहिए।” उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर एक विस्तृत रिपोर्ट समाचार के रूप में प्रकाशित होनी चाहिए, एसआईटी गठित कर विवेचना होनी चाहिए, एक जांच आयोग बैठाया जाना चाहिए और पाठ्यक्रम में भी एक अध्याय जोड़ा जाना चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार से मांग की कि दलित दमन के उन्मूलन के लिए विशेष वाहिनी बनाई जाए। उन्होंने कहा, “एक श्वेतपत्र इस काले अपराध पर भी आना चाहिए और एक रोड शो इस समस्या के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए निकाला जाना चाहिए।”
महिलाओं के खिलाफ अपराध में यूपी नंबर वन
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2023 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के करीब 4.5 लाख मामले दर्ज किए गए जो इसके पिछले दो वर्षों की तुलना में मामूली वृद्धि है।
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 66,381 मामले दर्ज किए गए, उसके बाद महाराष्ट्र में 47,101, राजस्थान में 45,450, पश्चिम बंगाल में 34,691 और मध्यप्रदेश में 32,342 मामले दर्ज किए गए। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498ए के तहत पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के मामले सबसे ज़्यादा थे, जिनमें 133,676 मामले दर्ज किए गए और इनकी दर 19.7 रही।




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