UP Rain: यूपी में मानसून ऐक्टिव, छाएंगे बादल; कहीं-कहीं बारिश-वज्रपात का अलर्ट
मानसून सक्रिय रहने के बीच घने बादल छाए रहे। दिन में शहर के दक्षिणी हिस्से में मध्यम बारिश हुई लेकिन शहर के शेष क्षेत्र में सूखा रहा। शाम को शहर के बीच मध्यम बारिश हुई। सीएसए में यह चार मिमी रिकॉर्ड की गई। दिन भर पॉकेट रेन का सिलसिला बना रहा। अच्छी बारिश न होने से उमस भी खूब रही।

UP Rain News: यूपी में मानसून सक्रिय है लेकिन कानपुर, गोरखपुर सहित कई शहरों को अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार 29 जुलाई एक अन्य चक्रवाती परिसंचण का प्रभाव होगा। इससे लखनऊ सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में बारिश बढ़ेगी। आज यानी 27 जुलाई को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ वज्रपात और तेज सतहही हवा (25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा) चलने की संभावना है। 28 जुलाई को पश्चिमी संभाग में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश और 29 जुलाई को कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। 29 जुलार्ठको पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ वज्रपात और भारी बारिश की संभावना है। लखनऊ और आस पास आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर-शाम तक सामान्यत: बादल छाए रहेंगे और एक या दो बार बारिश, गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं।
शुक्रवार और शनिवार को कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) में 25 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, एयरफोर्स वेदर स्टेशन पर मात्र 14 मिमी ही बारिश दर्ज की गई। शनिवार को भी पॉकेट रेन होती रही। इस दौरान उमस से भी लोग परेशान रहे।
मानसून सक्रिय रहने के बीच शनिवार को घने बादल छाए रहे। दिन में शहर के दक्षिणी हिस्से में मध्यम बारिश हुई लेकिन शहर के शेष क्षेत्र में सूखा रहा। शाम को शहर के बीच मध्यम बारिश हुई। सीएसए में यह चार मिमी रिकॉर्ड की गई। दिन भर पॉकेट रेन का सिलसिला बना रहा। अच्छी बारिश न होने से उमस भी खूब रही।
शनिवार को दिन का पारा 35.5 से 33.4 डिग्री सेल्सियस रहा। रात का पारा 26.2 से 24.6 डिग्री पहुंच गया। तापमान में कमी के बावजूद उमस में कमी नहीं आई। हीट इंडेक्स 58 पर रहा। इस कारण लोग पसीने से नहा गए। शाम होते ही थोड़ी राहत मिल सकी। बादल रात में भी रहे लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार 29 जुलाई तक कानपुर में यलो अलर्ट बना रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम वर्षा होगी। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मानसून सक्रिय है लेकिन कई कारणों से वर्षा नहीं हो पा रही है। बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रविवार को भी बारिश संभव है।
उमस और बारिश की चलेगी जुगलबंदी
ताजनगरी आगरा में अगले कुछ दिनों तक बारिश और उमस की जुगलबंदी चलेगी। अधिकतर देर शाम या रात में बारिश की संभावनाएं हैं। सुबह से शाम तक आसमान साफ रहेगा। धूप निकलेगी। चुभने वाली गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को भारी बारिश के आसार जताए गए थे, लेकिन बादल धोखा दे गए। दिनभर धूप निकली। देर शाम तक एक बूंद भी नहीं गिरी। इधर रविवार को भी मौसम का मिजाज सामान्य ही रहने वाला है, जबकि 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश के आसार हैं। 30 जुलाई से लेकर एक अगस्त तक बादल फिर कमजोर पड़ेंगे। इसके बाद अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। इधर शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 2.0 डिग्री अधिक होकर 35.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.4 डिग्री कम होकर 26.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मानसूनी सीजन के दो महीने अच्छे बीते
मानसूनी सीजन के शुरुआती दो महीने मेरठ में बारिश के हिसाब से अच्छे बीते हैं। जून-जुलाई में शनिवार तक सामान्य से 41 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। अब नजर सीजन के आखिरी दो महीने अगस्त-सितंबर पर रहेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि इन दोनों महीनों में भी मेरठ सहित वेस्ट यूपी में अच्छी बारिश हो सकती है। जुलाई में अच्छी बारिश के बावजूद दिन-रात के तापमान सामान्य से ऊपर बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार मेरठ में जून में 81.9 और जुलाई में 226.4 मिमी औसत बारिश है जबकि इस सीजन में जून में 200.8 और जुलाई में 238.1 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। जून-जुलाई में औसत 308.3 मिमी बारिश के सापेक्ष 438.9 मिमी बारिश हो चुकी है ।
गर्मी-उमस के चलते कुछ स्कूलों में बच्चों के टाई पहनने पर रोक
गर्मी और उमस के बीच बच्चों को लेकर सहोदय सर्तक हो गया है। मेरठ के कुछ स्कूलों ने बच्चों के टाई पहनने पर रोक लगा दी है। लंच बाक्स में रसीले फल, जूस, अधिक मात्रा में पीने का पानी अनिवार्य कर दिया है। गर्मी को देखते हुए शहर के कुछ निजी स्कूलों ने छात्रों के पहनावे और खानपान को लेकर निर्देश जारी किए हैं। छात्रों को टाई पहनने से छूट दी गई है। सहोदय महान के अध्यक्ष व जीटीबी प्रधानाचार्य डॉ. कमेंद्र सिंह ने कहा है कि उन्होंने सहोदय के अंतर्गत स्कूलों से कहा है कि टाई तीन माह के लिए रोक दें।




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