बिना सवारी के गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ के लिए निकली रोडवेज बस, प्रयागराज से खाली रवाना
यूपी में गंगा एक्सप्रेस-वे के रास्ते प्रयागराज से मेरठ तक के लिए सोमवार को प्रयागराज रीजन के लीडर रोड डिपो से पहली ट्रायल बस को फूलों से सजाकर रवाना किया गया। पहले ही दिन शुरुआत फीकी रही।

यूपी में गंगा एक्सप्रेस-वे के रास्ते प्रयागराज से मेरठ तक के लिए सोमवार को प्रयागराज रीजन के लीडर रोड डिपो से पहली ट्रायल बस को फूलों से सजाकर रवाना किया गया। पहले ही दिन शुरुआत फीकी रही। हालात यह रहे कि मेरठ जाने वाली इस पहली बस को प्रयागराज से एक भी यात्री नहीं मिला और बस बिना सवारी के ही रवाना करनी पड़ी। रोडवेज प्रशासन ने बस का निर्धारित समय सुबह 10 बजे तय किया था, लेकिन यात्रियों का इंतजार करते-करते बस करीब पौने दो घंटे की देरी से, लगभग पौने 12 बजे मेरठ के लिए रवाना हो सकी।
बता दें कि गंगा एक्सप्रेस-वे के जरिए प्रयागराज से मेरठ तक सीधी रोडवेज बस सेवा सोमवार से शुरू हो गई है। ट्रायल के रूप में पहली बस सोमवार को विद्या वाहिनी से मेरठ के लिए रवाना की गई। अब तक प्रयागराज से मेरठ जाने के लिए यात्रियों को कानपुर, दिल्ली अथवा अन्य शहरों के जरिए सफर करना पड़ता था। सीधी बस सेवा न होने से यात्रियों का समय अधिक लगता था। गंगा एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद रोडवेज ने इस रूट पर सीधी सेवा शुरू कर दी है।
एआरएम जयकरन ने बताया कि प्रयागराज से मेरठ की दूरी करीब 634 किलोमीटर है। इस रूट पर बस का किराया 839 रुपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल ट्रायल के तौर पर सेवा शुरू की जा रही है। यात्रियों की सुविधा और मांग को देखते हुए आगे नियमित संचालन किया जाएगा। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, गंगा एक्सप्रेस-वे के जरिए सफर पहले की तुलना में आसान और कम समय वाला होगा।
वहीं, रोडवेज मुख्यालय स्तर पर इस रूट के लिए नई बसों की व्यवस्था को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में इस रूट पर यात्रियों की संख्या के आधार पर बसों की संख्या और स्टॉपेज बढ़ाए जाएंगे। हालांकि पहले दिन सोमवार को इस बस को प्रयागराज से यात्री नहीं मिले। दरअसल, लंबी दूरी होने के कारण अभी यात्री कम हैं। साथ ही ये भी कारण हो सकता है कि मेरठ से प्रयागराज के लिए ट्रेन हर शाम रवाना होती है और अगले दिन सुबह प्रयागराज पहुंचती है।




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