संभल में फिर गरजा बुलडोजर, रास्ते पर बनी अवैध मजार को प्रशासन ने हटवाया
संभल के चन्दौसी में प्रशासन ने लुधियाना मोहल्ले में सार्वजनिक रास्ते पर बनी एक अवैध मजार को बुलडोजर से हटवा दिया। नगर पालिका के रिकॉर्ड में मजार का कोई उल्लेख नहीं था। एक साल की जांच और शिकायतों के बाद एसडीएम के आदेश पर यह कार्रवाई की गई।

Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अतिक्रमण के खिलाफ 'बुलडोजर एक्शन' लगातार जारी है। इसी क्रम में शनिवार को चन्दौसी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लुधियाना में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। यहाँ लंबे समय से सार्वजनिक रास्ते पर अवैध रूप से निर्मित एक मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी भी प्रकार के विरोध की गुंजाइश नहीं बची।
एक साल की कानूनी लड़ाई के बाद मिली सफलता
पूरा मामला चन्दौसी के मोहल्ला लुधियाना का है, जहाँ सीता रोड निवासी सुभाष चंद्र शर्मा उर्फ मुन्ना ने प्रशासन से इस अतिक्रमण की शिकायत की थी। सुभाष चंद्र का आरोप था कि उनके घर की दीवार से सटाकर करीब दस वर्ष पूर्व कुछ लोगों ने अवैध रूप से एक कच्ची मजार खड़ी कर दी थी। धीरे-धीरे इस ढांचे को पक्का करने की कोशिश की गई और इसे हरे रंग से पोतकर धार्मिक स्वरूप दे दिया गया। पीड़ित का कहना था कि इस अवैध निर्माण के कारण सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिससे आम लोगों और उनके परिवार को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
सुभाष चंद्र ने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से इस अवैध कब्जे को हटवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे। अंततः 18 फरवरी को उन्होंने जिलाधिकारी (DM) को प्रार्थना पत्र देकर यह तर्क दिया कि वर्ष 2021 के नगर पालिका परिषद चन्दौसी के अभिलेखों (Records) में इस मजार का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। प्रशासन ने इस तथ्य की जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई।
प्रशासनिक कार्रवाई और बुलडोजर का प्रहार
जांच रिपोर्ट आने के बाद उपजिलाधिकारी (SDM) आशुतोष तिवारी ने तुरंत इसे हटाने के निर्देश दिए। शनिवार को राजस्व विभाग की टीम, कानूनगो बाबूराम और हल्का लेखपाल दानवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। नगर पालिका के पीले पंजे (बुलडोजर) ने जैसे ही अवैध ढांचे को ढहाना शुरू किया, वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी के चलते पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और कुछ ही समय में रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया गया।
अवैध कब्जों पर प्रशासन की चेतावनी
कार्रवाई के बाद एसडीएम आशुतोष तिवारी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक मार्ग के रूप में दर्ज किसी भी भूमि पर अवैध धार्मिक या निजी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मजार पूरी तरह से अवैध अतिक्रमण था, जिसे नियमानुसार हटाया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं भू-माफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।




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