9 बीघा जमीन के लिए छोटे भाई की हत्या कर आंगन में गाड़ा शव, 15 दिन बाद ऐसे खुला राज
यूपी के पीलीभीत में करेली क्षेत्र के लिलहर गांव में जमीन विवाद को लेकर बड़े भाई ने अपने बेटे के साथ मिलकर छोटे भाई की हत्या कर शव को आंगन में गड्ढा खोदकर गाड़ दिया। लापता की खोज के चक्कर में करीब दो सप्ताह बाद भेद खुला।

यूपी के पीलीभीत में करेली क्षेत्र के लिलहर गांव में जमीन विवाद को लेकर बड़े भाई ने अपने बेटे के साथ मिलकर छोटे भाई की हत्या कर शव को आंगन में गड्ढा खोदकर गाड़ दिया। करीब दो सप्ताह बाद भेद खुलने पर पुलिस ने शव बरामद कर हत्यारोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरी ओर, पुलिस के साथ पहुंची फोरेंसिक टीम ने मौके पर साक्ष्य जुटाए हैं।
बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव भौरुआ के करन सिंह की करेली क्षेत्र के गांव लिलहर में ससुराल है। उनकी पत्नी माया देवी को यहां नौ बीघा जमीन मिली थी। बीस साल पहले माया देवी की मौत हो चुकी है। माया देवी के तीन बेटे हैं। मझले बेटे नक्षत्र सिंह ने जमीन को अपने नाम दर्ज करा लिया। गांव में मकान बनाकर पत्नी बच्चों के साथ रहने लगा। ननिहाल की जमीन को लेकर भाईयों में विवाद चल रहा था।
नक्षत्र का छोटा भाई हंसराज उर्फ गिरधारी बाहर मेहनत मजदूरी करता था। वह 15 दिन पहले नक्षत्र से मिलने लिलहर आया था। यहां दोनों भाईयों में जमीन के विवाद में मारपीट हुई थी। 15 दिन से ही हंसराज गायब था। सबसे बड़े भाई पृथ्वीराज ने हंसराज के गायब होने की सूचना पुलिस को दी। शुक्रवार को सूचना के आधार पर करेली एसओ विपिन शुक्ला फोर्स के साथ लिलहर गांव पहुंचे। नक्षत्र के घर के आंगन को खोदा गया तो यहां भाई की लाश दबी मिली। लाश को पुलिस ने कब्जे में ले लिया। फोरेंसिक टीम ने मौके पर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने हत्यारोपी भाई नक्षत्र को गिरफ्तार कर लिया है।
ननिहाल की 9 बीघा जमीन बनी हत्या की वजह
लिलहर गांव में आरोपी नक्षत्र सिंह की ननिहाल है। वो तीन भाई है। ननिहाल में मां के नाम दर्ज नौ बीघा जमीन को आरोपी ने अपने नाम काफी समय पहले दर्ज करा लिया था। उस पर उसका ही कब्जा था। बाकी दो भाइयों को यह बात नागवार गुजर रही थी। इसको लेकर भाइयों में तल्खी थी। जमीन का विवाद ही हत्या का कारण बना या कुछ और वजह थी। पुलिस इसकी जांच में जुटी है। फिलहाल मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसओ करेली विपिन शुक्ला ने बताया कि इस मामले में मृतक के बड़े भाई पृथ्वीराज की तहरीर पर आरोपी नक्षत्र सिंह, उसके बेटे ज्ञानेंद्र व पत्नी राधा देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
बिलसंडा क्षेत्र में दरकते रिश्तों के इस तरह के घटनाक्रम पर किसी को सहज विश्वास नहीं हो रहा है कि साधु वेशधारी नक्षत्र अपने ही भाई की हत्या कर देगा। उसके बड़े भाई पृथ्वीराज का रो-रो कर बुरा हाल है। कई दिनों से वो भाई को खोजने में जुटे थे। पर अब लाश मिलने के बाद व्यथित हैं। परिवार के लोग भी घटना के बाद भौरूआ से लिलहर पहुंच गए। ननिहाल की जमीन भाई की हत्या का कारण बनेगी ये किसी ने नहीं सोचा। कई दिनों से पुलिस हंसराज को खोज रही थी। शुक्रवार को जब पुलिस के हाथ ठोस सुबूत लगे तो पुलिस ने नक्षत्र सिंह से सख्ती में पूछताछ की। जिसके बाद वो टूट गया। पूरी घटना बताई। जिसके बाद पुलिस ने घर में खोदाई शुरू कराई। शाम को शव को निकाला जा सका। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस थाने ले गई। घटना में और कौन कौन शामिल रहा पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि घटना के वक्त आरोपी का बेटा भी गांव में देखा गया। मगर बाद में गायब हो गया।
बदले थे हावभाव, बड़ा भाई सुरागसी में था
हंसराज की हत्या के बाद से नक्षत्र सिंह के हावभाव बदले हुए थे। भाई की हत्या उसने कर तो जरूर दी लेकिन बदले हावभाव और बड़े भाई की सुरागसी से घटना का खुलासा हो पाया। पुलिस ने जब ननिहाल की जमीन और तीन की जगह एक का कब्जा सुना तभी से शक नक्षत्र सिंह की ओर बढ़ता चला गया। और घटना का खुलासा हो पाया। सीओ प्रतिभा सिंह ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
साधु का चोला ओढ़ा था अब गिरफ्तार
लालच की खातिर इंसान अंधा हो जाता है। अपने ही छोटे भाई की हत्या करने वाले नक्षत्र सिंह ने कुछ समय पहले साधु का चोला ओढ़ लिया। पर मोह और हिंसा को फिर भी नहीं छोड़ा। अपने ही भाई की हत्या में उसके हाथ नहीं कापें। घटना सामने आने के बाद गांव के लोग सन्न हैं। नक्षत्र के कारनामे के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार लिया है।
पत्नी ने कहा, दोनों में हुआ था झगड़ा
आरोपी नक्षत्र की पत्नी से पुलिस ने बातचीत की तो पहले तो वो घटना पर चुप्पी साधे रही। बाद में उसने इस बात को स्वीकार किया कि पति और देवर में झगड़ा हुआ था। हालांकि घटना के बाद मृतक के बड़े भाई पृथ्वीराज व उनके बेटे ने चाचा चचेरे भाई व चाची पर हत्या का आरोप लगाया है। बोले, अगर हम लोग भागदौड़ न करते तो घटना भी न खुलती। यह जघन्य घटना है। सभी को सजा मिलें।
छोटी काशी से है लिलहर की मान्यता
देश-प्रदेश व जिले में लिलहर गांव की बड़ी धार्मिक मान्यता है। छोटी काशी के नाम से लिलहर को जाना जाता है। हर अमावस्या पर बड़ा मेला लगता है। धर्म के लिए पहचान बना चुके गांव में जघन्य हत्या जैसी घटना वर्षों बाद घटी है। खास बात ये है कि सगे भाई, भतीजे, भाभी पर सीधे आरोप हैं। रिश्तों को शर्मसार करती घटना के बाद लोग नक्षत्र सिंह को लेकर तमाम तरह से बात कर रहे हैं।




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