दो बच्चों का पिता बना दूल्हा, बारात निकलने से ठीक पहले बच्ची ने अरमानों पर फेरा पानी
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां दो बच्चों के पिता ने चोरी-छिपे दूसरी शादी करने की कोशिश को उसकी ही बेटी ने नाकाम कर दिया। दूल्हे की बेटी ने दुल्हन पक्ष को फोन कर पिता की पोल खोल दी।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा इलाके से एक बेहद हैरान करने वाला और फिल्मी शादियों जैसा मामला सामने आया है। यहां दो बच्चों के पिता ने अपनी पहली शादी छुपाकर गुपचुप तरीके से दूसरी शादी रचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी ही मासूम बेटी ने इसे नाकाम कर दिया। बारात निकलने से चंद घंटे पहले दुल्हन के घर पहुंचे बच्ची के फोन कॉल ने 'दूल्हे राजा' की सारी योजना पर पानी फेर दिया। बच्ची ने फोन पर सीधे कहा, "आपके यहां जो दूल्हा बनकर आ रहे हैं, वो मेरे पापा हैं..."। दूल्हे के पहले से शादीशुदा होने की जानकारी मिलते ही दुल्हन के घर सन्नाटा पसर गया। देखते ही देखते शादी की खुशियाँ हंगामे में बदल गईं, मामला थाने पहुंचा और अंततः पंचायत ने आरोपी दूल्हे पर 5.20 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोकते हुए दोहरी चोट दे दी। शादी के अरमान पर पानी फेर दिया।
बेटी ने फोन कर खोली पिता की पोल
यह पूरा मामला ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। यहां सोमवार को रामपुर जनपद के स्वार थाना क्षेत्र से एक बारात आनी तय हुई थी। रविवार की देर रात तक दुल्हन के घर में शादी की रस्में चल रही थीं और मेहमान बेहद खुश थे। इसी बीच, दुल्हन के परिवार के एक सदस्य के मोबाइल पर अचानक स्वार इलाके से एक बच्ची का फोन आया। बच्ची ने रोते हुए बताया कि जिस युवक से वे अपनी बेटी का निकाह करने जा रहे हैं, वह पहले से ही शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता है।
इतना ही नहीं, बच्ची ने पुख्ता सबूत के तौर पर अपने पिता की पहली कोर्ट मैरिज और निकाहनामे के कानूनी दस्तावेज भी दिखाने का दावा किया। बच्ची ने बताया कि उसके पिता उत्तराखंड के हल्द्वानी में खराद मशीन चलाने का काम करते थे और वहीं पर उन्होंने उसकी मां से निकाह किया था, जिससे उनके दो बच्चे भी हैं।
थाने पहुंचा मामला, पंचायत में रोने लगा दूल्हा
सोमवार की सुबह होते ही इस सनसनीखेज खुलासे से आक्रोशित दुल्हन पक्ष के लोग भारी संख्या में ठाकुरद्वारा कोतवाली पहुंच गए। पीड़ित परिवार ने पुलिस को पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। कोतवाल मनोज परमार ने मामले की संवेदनशीलता और धोखाधड़ी को देखते हुए तुरंत दूल्हा पक्ष को थाने तलब कर लिया। दोनों पक्षों के जुटने और मामला कानूनी पचड़े में फंसता देख नगर पालिका परिषद परिसर में एक आपातकालीन सामाजिक पंचायत बुलाई गई।
पंचायत के सामने जब पीड़ित दुल्हन पक्ष ने बच्ची द्वारा भेजे गए पहली शादी के पुख्ता दस्तावेजी सबूत और कोर्ट मैरिज के कागज दूल्हे के सामने रखे, तो दूसरी शादी रचाने आए शख्स की सारी हेकड़ी पल भर में हवा हो गई। खुद को चारों तरफ से घिरता देख और जेल जाने के डर से उसने सबके सामने हाथ जोड़ लिए और रोते हुए अपनी गलती स्वीकार कर माफी की भीख मांगने लगा।
5.20 लाख की लगी बड़ी चोट
पंचायत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद लड़के पक्ष की इस हरकत को घोर सामाजिक और नैतिक अपराध माना। पंचायत ने लड़की पक्ष के सामाजिक मान-सम्मान को ठेस पहुँचाने और टेंट, हलवाई व शादी की अन्य तैयारियों में हुए लाखों रुपये के नुकसान का पूरा हिसाब-किताब लगाया। इसके बाद पंचायत ने सर्वसम्मति से दूल्हा पक्ष पर 5 लाख रुपये का आर्थिक हर्जाना तय किया।
इसके अतिरिक्त, समाज में ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए अनुशासन और दंड के तौर पर 20 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया। इस तरह दूल्हा पक्ष को कुल 5.20 लाख रुपये की भारी चोट लगी। पंचायत के फैसले के अनुसार, हर्जाने की रकम भरने का लिखित वादा करने और अंगूठा लगाने के बाद ही दूल्हा और उसके रिश्तेदारों को वहां से जाने दिया गया। इस ऐतिहासिक पंचायत के दौरान कांग्रेस नेता डॉ. मोहम्मद हनीफ, पूर्व प्रधान इलियास अहमद सहित दोनों पक्षों के सैकड़ों ग्रामीण और जिम्मेदार लोग मौजूद रहे।




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