लखनऊ में भाजपा मुख्यालय को लेकर नया मोड़, सेवा न्यास ने लौटाई जमीन, अब ऐसे होगा निर्माण
लखनऊ में भाजपा प्रदेश मुख्यालय के निर्माण को लेकर एक नया मोड़ आया है। दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास ने मुख्यालय के लिए आवंटित 5500 वर्ग मीटर जमीन नगर निगम को वापस लौटा दी है।

राजधानी लखनऊ में बनने वाले भाजपा प्रदेश मुख्यालय की जमीन को लेकर बड़ा मोड़ आ गया है। जियामऊ स्थित जिस भूखंड पर पहले सीधे निर्माण की योजना थी, अब वह पूरी तरह नए फॉर्मूले के तहत आगे बढ़ेगी। बुधवार को नगर निगम सदन ने अहम फैसला लेते हुए जमीन को दीनदयाल उपाध्याय न्यास से वापस लेने और उसे जिलाधिकारी सर्किल रेट पर लखनऊ विकास प्राधिकरण को बेचने का प्रस्ताव पास कर दिया।
दरअसल, यह जमीन पहले दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास को दी गई थी, लेकिन न्यास ने अचानक इसे लौटाने का निर्णय लिया। 7 अप्रैल को न्यास के सदस्य कृष्ण कुमार दीक्षित ने नगर निगम को पत्र लिखकर बजट की कमी के चलते निर्माण में असमर्थता जताई और जमीन वापस करने की बात कही। इसके बाद पूरी प्रक्रिया ने नया मोड़ ले लिया।
सीधे नहीं, अब एलडीए के माध्यम से होगा जमीन हस्तांतरण
नगर निगम ने 22 सितंबर 2020 को करीब 5500 वर्ग मीटर जमीन 90 साल की लीज पर सेवा न्यास को दी थी। जनवरी 2026 में इसे फ्रीहोल्ड करने का प्रस्ताव भी पास हुआ था, ताकि यहां भाजपा का प्रदेश मुख्यालय बन सके। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत पहले यह जमीन नगर निगम से एलडीए को बेची जाएगी और फिर एलडीए इसे आगे हस्तांतरित करेगा।
सूत्रों के मुताबिक, एलडीए इस जमीन को भारतीय जनता पार्टी को बेच सकता है, जिससे मुख्यालय निर्माण का रास्ता साफ होगा। इस नई प्रक्रिया को इसलिए अपनाया गया है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक अड़चन न आए।
तेजी से बदली घटनाएं, 2 दिन में तय हुआ रास्ता
न्यास द्वारा जमीन लौटाने के ठीक दो दिन बाद, 9 अप्रैल को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नगर आयुक्त गौरव कुमार को पत्र लिखकर जमीन एलडीए को देने का प्रस्ताव रखा। साथ ही सर्किल रेट के अनुसार भुगतान करने की सहमति भी जताई गई। इसके बाद बुधवार को सदन से प्रस्ताव पास होते ही प्रक्रिया लगभग तय हो गई। अब जिया मऊ के खसरा संख्या 196 की यह जमीन जल्द ही एलडीए के अधिकार में आ सकती है।
पीएम आवास योजना के लिए भी मांगी गई जमीन
इसी बीच एलडीए ने नगर निगम से अन्य स्थानों की जमीन भी मांगी है। बाघामऊ, सरोजिनी नगर के हरिहरपुर, कल्ली पश्चिम और अतरौली में करीब 80 हजार वर्ग मीटर जमीन प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए मांगी गई है। इन जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे और यह जमीन एलडीए को मुफ्त में दी जाएगी।




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