UP government is considering granting driving licences to those aged 16, Minister Dayashankar said in Assembly 16 साल वालों को भी मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस? UP असेंबली में क्या बोले मंत्री दयाशंकर, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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16 साल वालों को भी मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस? UP असेंबली में क्या बोले मंत्री दयाशंकर

उत्तर प्रदेश सरकार हल्के दो पहिया वाहनों को चलाने के लिए 16 साल की उम्र वाले बच्चों को भी ड्राइविंग लाइसेंस देने पर विचार कर रही है। यह जानकारी योगी सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने शुक्रवार को विधानसभा में दी। 

Fri, 13 Feb 2026 06:04 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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16 साल वालों को भी मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस? UP असेंबली में क्या बोले मंत्री दयाशंकर

यूपी सरकार हल्के दो पहिया वाहनों को चलाने के लिए 16 साल की उम्र वाले बच्चों को भी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने पर विचार कर रही है। इसके लिए केंद्र सरकार ने अनुमति मांगी गई है। यह जानकारी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने शुक्रवार को विधानसभा में दी। उन्होंने इसके साथ ही सरकार द्वारा सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए किए जाने वाले इंतजामों के बारे में भी बताया। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने भी सरकार की ओर से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में सभी अवैध कट बंद किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पूरे देश से सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं उत्तर प्रदेश में होती हैं। राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं को लेकर पूरी तरह से जागरूक है। सरकार ने बहुत पहले डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। खासतौर से इसमें पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसमें रखा गया है। प्रत्येक माह इसकी बैठक हो रही है। भारत सरकार की ओर से इस संबंध में गंभीर चिंता भी व्यक्त की गई है। सड़क दुर्घटना के लिए शीर्ष 20 जिलें हैं। ‘मृत्यु दर शून्य कार्यक्रम’ लागू किया गया है। प्रदेश के 55 जिलों में भी मृत्यु दर शून्य करने का अभियान चलेगा। इसके लिए कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। हमे उन कारणों पर भी विचार करना होगा जिसके कारण दुर्घटनाएं होती हैं मोबइल फोन, ओवर स्पीड, ड्रंग एंड ड्राइविंग और जाम बहुत से ऐसे कारण हैं। उन्होंने कहा कि लापरवाही हर स्तर पर होती है, तभी दुर्घटनाएं होती हैं। कभी-कभी ऐसा भी होता है सड़क के किनारे दोनों तरफ वाहन खड़े होते हैं और गाड़ी निकालने के चकक्कर में दुर्घटनाएं हो जाती हैं।

संसदीय कार्य मंत्री ने सदन को बताया कि प्रवर्तन दलों द्वारा कार्रवाई भी की जा रही है। हमे एक तरफ बचाव भी करना है और दूसरी तरफ कार्रवाई भी करनी है। जितनी भी दुर्घटनाएं हो रही हैं, अधिकतर हाईवे और एक्सप्रेसवे पर हो रही है। 1 अप्रैल 2025 से लेकर 31 जनवरी 2026 तक हुए चालान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओवर स्पीड में 2 लाख, 8 हजार 538, बिना हेलमेट 5.98 लाख, बिना सीट बेल्ट 1.27 लाख, मोबाइल पर बात करने पर 51365, ड्रंग एंड ड्राइव 4173, रांग साइड से चलने पर 57109, लेन बदलने से 1404, अवैध पार्किंग 32 हजार, ओवर लोडिंग 51959 लोगों का चालन किया गया है। उन्होंने बताया कि मथुरा, कानपुर व रायबरेली में भी बड़े पैमाने पर चालान हुआ है।

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रायबरेली में गंभीर घायलों की मदद होगी

संसदीय कार्य मंत्री ने ऊंचाहार के विधायक की मांग पर रायबरेली की दो गंभीर रूप से घायलों की सरकार से मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि इसके लिए वे मुख्यमंत्री से भी बात करेंगे।

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सभी तहसीलों में होंगे इंस्पेक्टर

परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने कहा कि यूपी आबादी के हिसाब से देश में छठवें स्थान पर है। हाईस्पीड के चलते अधिक दुर्घाटनाएं हो रही हैं। सरकार ने इस पर रोक लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए तो लोगों ने इसके सामने स्पीड कम कर दी, लेकिन इससे निकलते ही फिर बढ़ा देते हैं। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एआरटीओ के 36 नए पद और 351 सहायक मोटर यान निरीक्षक के पद सृजित किए हैं। एआरटीओ की लखनऊ, गोरखपुर समेत 36 जिलों में तैनाती की जाएगी और सभी महसीलों में मोटरयान निरीक्षक रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने से लोग भागते हैं। इसीलिए ऐसे लोगों को 25 हजार रुपये ईनाम देने की व्यवस्था की गई है। इलाज पर 1.50 लाख रुपये तक मदद की जा रही है।

सड़क दुर्घटना चिंताजनक

कांग्रेस की आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि सड़क दुर्घटना में जो आज मौतें हो रही हैं उसमें 50 प्रतिशत युवा हैं। सड़क पर केवल हादसा नहीं होता पूरा परिवार समाप्त हो जाता है। मथुरा एक्सप्रेसवे, रायबरेली गंगा एक्सप्रेसवे और कानपुर की दुर्घटना की चर्चा की। ऊंचाहार के विधायक मनोज कुमार पांडेय ने रायबरेली सड़क दुर्घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके निवेदन पर घायलों के इलाज की व्यवस्था कराई। इसमें मृतकों के परिजनों को तीन-तीन लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की व्यवस्था कराई। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि दो गंभीर रूप से मीणा और रिया घायलों के इजाज के लिए विवेकाधीन कोटे से इलाज का पैसा दिया जाए। सड़क निर्माण के ठेकेदार पर कार्रवाई की भी मांग की। संसदीय कार्यमंत्री ने इलाज में मदद का आश्वासन दिया। सपा के कमाल अख्तर, सपा के अनिल प्रधान आदि ने सवाल उठाए।

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