यूपी में फ्रॉड कर नौकरी दिलाने के मामले में बीएसए समेत 7 लोगों पर दर्ज होगा केस, विभाग में हड़कंप
यूपी के गोंडा जिले में फ्रॉड कर नौकरी दिलाने के मामले में बीएसए समेत 7 लोगों पर केस दर्ज होगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किया है। आदेश की जानकारी के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है।

यूपी के गोंडा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कूटरचना व फ्राड करके नौकरी दिलाने के आरोप में बीएसए सहित छह नामजद व एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की विवेचना करने का आदेश दिया है। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा प्रदीप कुमार पांडेय पुत्र उदयभान पांडेय निवासी आवास विकास गोंडा ने अदालत के समक्ष आरोपी वित्त व लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा सिद्धार्थ दीक्षित, बीएसए अतुल कुमार तिवारी, पटल लिपिक सुधीर सिंह, वित्त एंव लेखाधिकारी कार्यालय के लिपिक अनुपम पांडेय, भैया चंद्र भान दत्त पांडेय लघु माध्यमिक विद्यालय रामपुर टेंगरहा के प्रबंधक दिग्विजय नाथ पांडेय व प्रधानाचार्य विरुद्ध इस आशय का प्रार्थना पत्र दिया था।
इसके मुताबिक उसे पता चला है कि बेसिक शिक्षा विभाग में एक गिरोह जो सिंडीकेट की तरह काम करता है। विभाग में प्राप्त युवाओं का डाटा लीक कर उसका दुरूपयोग करके भिन्न-भिन्न विद्यालयों में उनके नाम से फर्जी नियुक्ति कर करोड़ों रूपए का गबन वर्षों से कर रहे हैं। ऐसा ही एक प्रकरण में बेसिक शिक्षा विभाग के सिंडिकेट द्वारा अनामिका शुक्ला पुत्री सुभाष चन्द्र शुक्ला ग्राम भुलईडीह पोस्ट कमरावा जिला गोण्डा के शैक्षिक अभिलेखों का दुरुपयोग कर बेसिक शिक्षा विभाग के सिंडिकेट मेंबर्स ने लोगों से पैसे लेकर कई फर्जी नियुक्तियां कर करोड़ों रुपए के सरकारी धन की बन्दरबांट की है।
बीएसए दफ्तर पहुंची अनामिका ने खुद को बताया था बेरोजगार
फर्जी नियुक्ति की जानकारी होने असली अनामिका शुक्ला ने बेसिक शिक्षा कार्यालय पहुंच कर खुद को बेरोजगार बताया था। उन्होंने कहा कि 2017 में कस्तूरबा गांधी विद्यालय में विज्ञान विषय की शिक्षिका पद के लिए आवेदन किया था। मेरे शैक्षिक अभिलेख का दुरूपयोग हुआ है। आनन फानन में अनामिका शुक्ला की तहरीर पर बिना किसी प्रारम्भिक जांच के थाना कोतवाली नगर गोण्डा में मुकदमा दर्ज हुआ और कई लोग जेल गए। पुलिस की जांच के दौरान अनानिका शुक्ला ने बयान दिया कि उसने शिक्षा विभाग में कहीं कोई नौकरी नहीं की। जांच में पता चला कि जिस अनामिका शुक्ला के नाम से मुकदमा लिखाया गया है वह पीड़िता नहीं बल्कि आरोपी है। मामला तूल पकड़ते ही सिंडीकेट मेंबर्स सक्रिय हुए और अनामिका शुक्ला की तैनाती एडेड स्कूल भैया चन्द्रभान दत्त स्मारक विद्यालय रामपुर टेंगरहा तरबगंज के प्राइमरी अनुभाग में सहायक अध्यापक के तौर पर की गई। जबकि अनामिका शुक्ला पुत्री सुभाष चन्द्र शुक्ला निवासिनी ग्राम भुलई डीह भैया चन्द्रभान दत्त स्मारक विद्यालय रामपुर टेंगरहा तरबगंज गोण्डा में सरकारी अध्यापिका के तौर पर पहले से ही कार्यरत थी। वह वर्ष 2017 से सरकारी वेतन आहरित कर रही थी।
वेतन भुगतान मामले से विभाग ने झाड़ लिया पल्ला :
बीएसए ने शिकायत निस्तारण के दौरान अवगत कराया कि शिक्षिका अनामिका शुक्ला के वेतन भुगतान के लिए कोई भी बिल या प्रस्ताव वित्त एवं लेखाधिकारी गोण्डा को नहीं प्रेषित किया गया है। विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों का वेतन संसोधन मई 2024 तक विद्यालय से नहीं भेजा जाता था। वित्त लेखाधिकारी ने वेतन संसोधन कर सीधे अध्यापकों के खाते में भेज दिया जाता था। यदि अनामिका शुक्ला का नाम बढ़ा कर वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय द्वारा वेतन भुगतान पूर्व अथवा पश्चात किया गया है तो उसके सम्बंध में बेसिक शिक्षा विभाग को कोई जानकारी नहीं है। जुलाई 2024 से वेतन संशोधन टाइप करा कर भेजा जाता है जिसमें पन्ना बदल कर वेतन भुगतान किया गया है तो उसके सम्बंध में बेसिक शिक्षा विभाग को कोई जानकारी नहीं है। बीएसए ने बताया कि कार्यालय की डिस्पैच पंजिका में अनामिका शुक्ला शिक्षिका भैया चन्द्रभान दत्त ल.मा. विद्यालय रामपुर टेंगरहा तरबगंज के विज्ञापन अनुमति अनुमोदन के सम्बंध में कोई अंकना नहीं की गई है।




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