गोरखपुर में बनेगा यूपी का पहला वानिकी विश्वविद्यालय, योगी कैबिनेट की मिली मंजूरी
गोरखपुर को वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय मिलने जा रहा है। इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वानिकी एवं औद्यानिकी विवि की स्थापना किए जाने संबंधी प्रस्ताव को सोमवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

गोरखपुर को जल्द ही प्रदेश का पहला वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय मिलने जा रहा है। इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के जनपद गोरखपुर में उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विवि की स्थापना किए जाने संबंधी प्रस्ताव को सोमवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इस परियोजना को केंद्र सरकार पहले ही सैद्धांतिक मंजूरी दे चुकी है। इस विवि की स्थापना कैम्पियरगंज रेंज के भारी वैसी वन ब्लॉक में 50 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि पर बनेगा।
आरक्षित वन भूमि के गैर वानिकी उपयोग के एवज में राज्य सरकार ने खजनी तहसील के ग्राम पधरहा मिश्र में 50 हेक्टेयर समतुल्य गैर वन भूमि क्षतिपूरक वनीकरण के लिए उपलब्ध करा दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 621.26 करोड़ रुपये आंकी गई है। जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इसके लिए 49.99 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया था।
सभी जिलों में अब उपनियंत्रक पदों पर विभागीय अधिकारी तैनात होंगे
इसके अलावा यूपी के अब सभी जिलों में नागरिक सुरक्षा के उपनियंत्रक पदों पर विभागीय अफसरों की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट में सोमवार को उप्र नागरिक सुरक्षा उप नियंत्रक सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली 2025 के तहत इस प्रस्ताव को लागू करने की मंजूरी दे दी गई। अभी तक यह व्यवस्था सिर्फ 26 जिलों में प्रभावी थी। इसे सभी जिलों में लागू करने की मांग काफी समय से हो रही थी।
पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले की घटना के बाद उत्तर प्रदेश में भी नागरिक सुरक्षा संगठन को पहले से ज्यादा मजबूत करने के लिए कई बिन्दुओं पर चर्चा हुई थी। इसमें सबसे अहम उपनियंत्रक पदों पर सभी जिलों में विभागीय अधिकारियों की तैनाती का मुद्दा था। कैबिनेट से यह प्रस्ताव पास हो गया। तय हुआ कि उपनियंत्रक के 60 पद और सृजित किए जाएंगे। इस संशोधित नियमावली के पास होने से अब विभागीय कर्मियों की पदोन्नति का रास्ता भी आसान हो जाएगा।




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