UP Etah Kasganj New born baby Thrown in Fields killed by Dogs Police trying to find parents खेत में फेंके गए नवजात शिशु, कुत्तों ने मार डाला, पहचान खोजने में जुटी पुलिस, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

खेत में फेंके गए नवजात शिशु, कुत्तों ने मार डाला, पहचान खोजने में जुटी पुलिस

  • एटा के कासगंज में शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला समस के खेत में किसी के द्वारा फेंके गए नवजात शिशु को एक कुत्ता गांव की ओर ले गया। यह देख ग्रामीण ने तत्काल कुत्ते को भगाया और सिसकते शिशु को जिला अस्पताल ले गया।

Thu, 6 March 2025 12:04 PMSrishti Kunj हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान संवाददाता, कासगंज
share
खेत में फेंके गए नवजात शिशु, कुत्तों ने मार डाला, पहचान खोजने में जुटी पुलिस

एटा के कासगंज में शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला समस के खेत में किसी के द्वारा फेंके गए नवजात शिशु को एक कुत्ता गांव की ओर ले गया। यह देख ग्रामीण ने तत्काल कुत्ते को भगाया और सिसकते शिशु को जिला अस्पताल ले गया। जहां चिकित्सक ने नवजात शिशु को मृत घोषित कर दिया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस अस्पताल पहुंची। मामले में पुलिस और भी जानकारी जुटाने में लगी है।

पुलिस के मुताबिक मंगलवार की देर शाम नगला समस गांव में एक ग्रामीण के घेर तक एक कुत्ता खेतों से उठाकर एक नवजात शिशु को ले गया। यह देख ग्रामीण ने कुत्ते को खदेड़ दिया और शिशु को सुरक्षित किया। उस समय नवजात शिशु की सांस चल रही थी। ग्रामीण शिशु को लेकर बाइक पर तत्काल जिला अस्पताल में पहुंच गया। शिशु का डॉक्टर से परीक्षण करवाया। परीक्षण के बाद चिकित्सक ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना जिला अस्पताल से पुलिस को दी गई।

इस पर शहर कोतवाली पुलिस अस्पताल पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीण से पूरी जानकारी जुटाई। इसके उपरांत नवजात के शिशु के शव को पोस्टमार्टम गृह पर पहचान कराने के लिए सुरक्षित रखवाया गया। कोतवाली प्रभारी लोकेश भाटी ने बताया कि, नवजात शिशु की पहचान के लिए पूरे गांव में जानकारी दी गई, लेकिन किसी ने भी पहचान नहीं की है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:UP पुलिस के दरोगा ने सरकारी आवास में लगाई फांसी, दरवाजा तोड़ बाहर निकाला गया शव

इंसानों पर लगातार बढ़ रहे कुत्तों व बंदरों के हमले

जनपद में कुत्ते व बंदर लगातार हिंसक हो रहे हैं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हिंसक हो रहे कुत्ते व बंदरों के हमलों से बचाने के लिए नगर निकायों व पंचायतों के द्वारा ठोस उपाय नहीं हो पा रहे हैं। जनवरी माह में जिला अस्पताल व सीएचसी पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए 8873 रोगी पहुंचे। फरवरी माह में यह संख्या अचानक बढ़ गई है। फरवरी माह में 11895 रोगियों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। बुधवार को भी कुत्तों के हमलों में दो लोग घायल हुए। परिजन उन्हें उपचार के जिला अस्पताल लेकर आए।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो कुत्ते व बंदरों के हमलों की स्थिति खौफनाक है। जनवरी माह की अपेक्षा फरवरी में 3022 अधिक रोगी एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पतालों में आए हैं। कुत्ते व बंदरों के इंसानों पर सबसे अधिक हमले कासगंज, सोरों, सहावर व गंजडुंडवारा क्षेत्र में हुए हैं। सोरों सीएचसी पर जनवरी माह में सिर्फ 257 रोगी एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। फरवरी माह में यह आंकड़ा बढ़कर 2239 तक पहुंच गया है।

कासगंज सीएचसी पर जनवरी माह में 2436 रोगी एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने आए। फरवरी में यह आंकड़ा बढ़कर 3592 तक पहुंच गया है। सहावर सीएचसी पर जनवरी में 1268 रोगियों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। फरवरी में यह रोगियों की संख्या बढ़कर 1444 हो गई। गंजडुंडवारा क्षेत्र में भी जनवरी माह में 1370 रोगी एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे तो फरवरी में संख्या 1550 तक पहुंच गई है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।