सऊदी अरब और दुबई में फंसे दो बेटे, रात में की फोन पर बात सुबह हार्ट अटैक से मां की मौत
खाड़ी देशों में फंसे दो बेटों से रात में मां ने फोन पर बात की और शनिवार सुबह घर में झाड़ू लगाते समय मौत हो गई। डाक्टरों ने दिल का दौरा पड़ने का अंदेशा जताया। मां के मौत की जानकारी बेटों को दी गई लेकिन उड़ानें बंद होने से वे अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके।

खाड़ी देशों में फंसे दो बेटों से रात में मां ने फोन पर बात की और शनिवार सुबह घर में झाड़ू लगाते समय मौत हो गई। डाक्टरों ने दिल का दौरा पड़ने का अंदेशा जताया। मां के मौत की जानकारी बेटों को दी गई लेकिन उड़ानें बंद होने से वे अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। देवरिया जिले के रुद्रपुर उपनगर के मस्जिद वार्ड के पिपरहवा टोला निवासी पूर्व सभासद कैलाश यादव के तीन बेटे हैं। जिनमें सबसे बड़ा राजन यादव सऊदी अरब और सबसे छोटा बेटा आलोक दुबई में है। मझला बेटा आनन्द यादव बैंकॉक में नौकरी करता है।
अमेरिका-इजरायल व ईरान के बीच हो रहे युद्ध से पूरा परिवार चिंतित है। कैलाश यादव ने बताया कि बेटों से मोबाइल पर रोज बातचीत हो रही है। शुक्रवार की रात में भी बातचीत हुई थी। उनकी पत्नी चिन्तामणि (57) ने भी बच्चों से बात की थी। बच्चे वहां के हालात के बारे में बता रहे थे। इसको लेकर वह काफी परेशान थीं। शनिवार की सुबह करीब पांच बजे चिन्तामणि घर के दरवाजे पर झाड़ू लगा रही थीं। इसी बीच वह अचानक गिर गईं, आनन-फानन उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
फ्लाइट हो रही कैंसिल
आगरा में ट्रैवेल एजेंसी फर्म ट्रैवेल पैशन के मैनेजिंग पार्टनर माधव कटारा बताते हैं कि उनके यहां 90 प्रतिशत से ज्यादा बुकिंग रद्द हो गई है। 14 मार्च से ब्रिटिश ग्रुप के लिए बुकिंग थी, लेकिन रद्द कर दिया है। इटली छोड़कर ज्यादातर देशों के टूरिस्ट अक्तूबर से मार्च के बीच ही आते हैं। फ्लाइट कैंसिल या डायवर्ट हो रही हैं। आगे के हालात के लिए भी सभी सशंकित हैं। ऐसे में वे आने का प्लान छोड़ रहे हैं। अगर अशांति का दौर लंबा खिंचा तो उस वक्त पर भी असर आ सकता है।
मीट-ज्वैलरी कारोबारियों की बढ़ेंगी मुश्किलें
ईरान पर हमले के बाद जैसे-जैसे खाड़ी देशों में अशांति के बादल गहरा रहे हैं, वैसे-वैसे प्रदेश के मीट व चीनी कारोबारियों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। खाड़ी में युद्ध का सीधा असर प्रदेश के निर्यात पर पड़ेगा। ऐसे में यूएई को होने वाला लगभग 11 हजार करोड़ के निर्यात में सबसे अधिक प्रभाव जेम-एंड-ज्वैलरी व मीट के कारोबार पर पड़ेगा।
खाड़ी देशों में बिगड़े हालात पर कारोबारियों के साथ विशेषज्ञों की गहरी नजर है। उनका आकलन है कि यदि हालात जल्द न सुधरे तो प्रदेश के निर्यात को गहरा झटका लगेगा। यदि खाड़ी क्षेत्र में लाजिस्टिक्स और शिपिंग मार्ग अस्थिर होते हैं तो बढ़ते माल भाड़े, शिपिंग में देरी और बीमा लागत में वृद्धि से निर्यात पर असर पड़ेगा।




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