9 साल की बच्ची से रेप, 10 और 12 वर्षीय लड़कों पर गंभीर आरोप; भेजे गए बाल सुधार गृह
हाथरस के सिकंदराराऊ में 9 साल की बच्ची के साथ गांव के ही 10 और 12 साल के दो किशोरों ने बेर खिलाने के बहाने खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर मथुरा बाल सुधार गृह भेज दिया है।

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक गांव में कक्षा चार में पढ़ने वाली 9 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दो किशोरों द्वारा दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने पीड़िता की माँ की तहरीर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी किशोरों को हिरासत में ले लिया है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में कम उम्र के बच्चों के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्तियों और अपराध बोध की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बेर खिलाने के बहाने खेत में ले गए आरोपी
घटना 6 मार्च की दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। पीड़िता की माँ द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, उनकी 9 वर्षीय बेटी घर से अकेले जंगल की ओर घास लेने गई थी। रास्ते में उसे गांव के ही दो किशोर मिले, जिनकी उम्र क्रमशः 10 वर्ष और 12 वर्ष बताई गई है। इन दोनों ने मासूम बच्ची को अपनी बातों में फंसाया और 'बेर खिलाने' का लालच देकर बम्बे (नहर) के पास स्थित एक गेहूं के खेत में ले गए।
आरोप है कि खेत में पहुँचने के बाद 10 वर्षीय किशोर ने बच्ची के हाथ मजबूती से पकड़ लिए ताकि वह शोर न मचा सके, जबकि 12 वर्षीय किशोर ने उसके साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। डरी-सहमी बच्ची जब रोती हुई घर पहुँची, तो उसने अपनी माँ को आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
दोनों को भेजा बाल सुधार गृह
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाई। हल्का इंचार्ज मनु यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों आरोपी किशोरों को उनके घर से हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की उम्र उनके स्कूली दस्तावेजों के आधार पर निर्धारित की गई है, जो बाल अपराध की श्रेणी में रखती है।
पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करा लिया है और मामले की वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है। हिरासत में लिए गए दोनों किशोरों को बाल न्यायालय (Juvenile Court) में पेश किया गया, जहाँ से कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें बाल संरक्षण सुधार गृह, मथुरा भेज दिया गया है।
गांव में तनाव और चर्चा का विषय
गांव में इस वारदात के बाद से ही सन्नाटा और तनाव का माहौल है। समाजशास्त्रियों और स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि इतनी कम उम्र के बच्चों का ऐसे जघन्य अपराध में संलिप्त होना मोबाइल के दुरुपयोग और उचित संस्कारों की कमी का परिणाम हो सकता है। फिलहाल, पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।




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