UP Cyber Crime 74 Branches operating from Dubai with 8 to 9 members in each branch यूपी में ठगी की 74 शाखाएं चला रहा दुबई में बैठा सरगना, एक ब्रांच में 8 से 9 सदस्य, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी में ठगी की 74 शाखाएं चला रहा दुबई में बैठा सरगना, एक ब्रांच में 8 से 9 सदस्य

यूपी के कानपुर में गेमिंग एप के क्लोन के जरिये लोगों को ठगी का शिकार बनाने वालों ने यूपी भर में फ्रेंचाइजी बांट रखी है। इस फ्रेंचाइजी को ये लोग ब्रांच का नाम देते हैं। कानपुर में इनकी ब्रांच-24 (शाखा) काम कर रही थी जो पकड़ी गई, जबकि 23 शाखाएं कहीं और काम कर रही हैं।

Wed, 15 April 2026 01:39 PMSrishti Kunj प्रमुख संवाददाता, कानपुर
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यूपी में ठगी की 74 शाखाएं चला रहा दुबई में बैठा सरगना, एक ब्रांच में 8 से 9 सदस्य

यूपी के कानपुर में गेमिंग एप के क्लोन के जरिये लोगों को ठगी का शिकार बनाने वालों ने यूपी भर में फ्रेंचाइजी बांट रखी है। इस फ्रेंचाइजी को ये लोग ब्रांच का नाम देते हैं। कानपुर में इनकी ब्रांच-24 (शाखा) काम कर रही थी जो पकड़ी गई, जबकि 23 शाखाएं कहीं और काम कर रही हैं। जांच में सामने आया है कि प्रदेश में ऐसी 74 शाखाएं चल रही हैं। हर एक ब्रांच में 8 से 9 लड़के काम करते हैं।

स्वरूप नगर का सुल्तान मिर्जा यूपी में इस पूरे नेटवर्क को संभालता है। इसके तार नोएडा में बैठे सरगना से जुड़े हैं। गेमिंग एप की मास्टर आईडी सुल्तान और नोएडा में बैठे सरगना के पास है जिसका इस्तेमाल करके यह लोग गेमर (गेम खेलने वाले) को हराते और जिताते हैं। इस पूरे गेम का केंद्र बिंदु दुबई है। फिलहाल सुल्तान नेपाल भाग गया है और वहीं से इस काम को ऑपरेट कर रहा है। बता दें एक दिन पहले बर्रा पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। फरार 14 लोगों की तलाश की जा रही है।

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उत्पाद बेचने वाली कंपनी की तरह बनाए डीलर और एजेंट

गेमिंग एप के जरिये ठगी करने का नेटवर्क बहुत बड़ा है। जिस तरह एक कंपनी अपने उत्पाद को बेचने के लिए सुपर स्टॉकिस्ट, डिस्ट्रीब्यूटर, डीलर और रिटेलर बनाती है ठीक उसी तरह दुबई से बैठे गेमिंग एप के सरगना ने भारत के प्रदेशों और जिलों तक इसी क्रम में अपने क्रमवार एजेंट नियुक्त कर रखे हैं। बड़े गुर्गों को मास्टर आईडी दी जाती है।

पुलिस के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक यह चेन कई लेयर पर काम करती है। दुबई में बैठे सरगना ने नोएडा, दिल्ली और गुड़गांव में बड़े एजेंटों को मास्टर आईडी बेची। एक जिले में जितनी भी ब्रांच काम करती है, उनकी कमान उस जिले के एजेंट को दी जाती है। यह एजेंट ही सीधे नोएडा में बैठे बड़े एजेंट से संपर्क करता है। इन एजेंटों के पास मास्टर आईडी नहीं होती है।

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किट का इस तरह करते थे प्रयोग

सीपी ने बताया कि गिरोह से जुड़े लोग लड़कों को किट देते हैं। इसमें मोबाइल जिसमें गेमिंग एप डाउनलोड रहता है, प्री एक्टीवेटेड सिम, एटीएम और चेकबुक देते थे। यह एजेंट मोबाइल एप से गेम खिलवाते थे। सिम का प्रयोग बात करने के लिए करते थे। नियमित कॉल नहीं होती थी बल्कि वाट्सएप और टेलीग्राम पर संपर्क रखते थे। एटीएम कार्ड का प्रयोग छोटी रकम कैश निकालकर एजेंट गेमर को देते थे। आरोपी लेनदेन के लिए एयरटेल और जियो पेमेंट बैंक का प्रयोग करते थे। सूत्रों ने बताया कि स्वरूप नगर का सुल्तान मिर्जा लंबे समय से इस काम में लगा है। स्वरूप नगर में इसका आलीशान मकान है। दो माह पूर्व यह नेपाल भाग गया। नेपाल में इसकी लोकेशन मिली है। यह सीधे नोएडा में बैठे गुर्गों से बात करता है। इसके पास मास्टर आईडी भी है जिससे सुल्तान भी गेमर को हरा और जिता सकता है। वहीं, यह पूरा नेटवर्क इंटरनेट से जारी नंबरों पर एक दूसरे से संपर्क रखता है। इसके साथ ही टेलीग्राम, डीप वेब और अन्य माध्यम से भी यह लोग आपस में संपर्क में रहते हैं।नियमित कॉल कभी नहीं की जाती है।

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ठगी की ब्लैक मनी को व्हाइट भी करता है गैंग

सीपी ने बताया कि गैंग साइबर ठगी की ब्लैकमनी को व्हाइट भी करता है। ब्रांच-24 के ठगों ने बताया कि गैंग के शातिर एक लाख देकर 40 हजार की कैश रकम लेते थे। दरअसल एक लाख रुपये की रकम साइबर ठगी से जुड़ी होती है। इसमें सामने वाले को सीधे 60 हजार का फायदा होता है लेकिन खाता सीज होने का डर होता है। साइबर सेल के मुताबिक यह लोग फर्जी जीएसटी नंबर लेकर उसके नाम पर करंट अकाउंट खोलते थे। इसी अकाउंट से एक दिन में लाखों को ट्रांजेक्शन करते थे।

इंसेटिव पर तय था वेतन, सत्यम का 60 हजार

सीपी ने बताया कि ब्रांच में काम करने वाले लड़कों को वेतन उनके काम और इंसेंटिव पर तय होता था। सत्यम ने 16 हजार वेतन पर काम शुरू किया था। वर्तमान में उसका वेतन 60 हजार रुपये हो गया। जेल भेजे गए कई लड़कों को भी 18, 20 और 25 हजार तक वेतन मिलता है। आरोपियों ने बताया कि उन्हें कॉल सेंटर में काम करने के नाम पर भर्ती किया गया था। यह गैंग युवकों को अपने जाल में फंसाता है। वहीं, पुलिस अधिकारी के मुताबिक कानपुर में वर्तमान में तीन ब्रांच काम कर रही थीं जिसमें ब्रांच-24 में काम करने वाले आठ युवक गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। ब्रांच 25 और 26 पर क्राइम ब्रांच काम कर रही है। ब्रांच-26 का डाटा भी क्राइम ब्रांच को मिल गया है।

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