UP Budget: स्वास्थ्य पर खर्च होंगे 56 हजार करोड़, दवा, मेडिकल कॉलेज और किस बात पर फोकस?
UP Budget: यूपी बजट में प्रदेशवासियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कुल 55 हजार 820 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में ज्यादा फोकस स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती पर है। इसमें मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, छात्रावास निर्माण के साथ ही दवाओं, उपकरणों पर फोकस है।

योगी सरकार के बजट में प्रदेशवासियों के आरोग्य की फिक्र दिखी। प्रदेशवासियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कुल 55 हजार 820 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष विभाग शामिल है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के बजट में गत वर्ष की अपेक्षा करीब 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। चिकित्सा शिक्षा और आयुष का बजट भी बढ़ाया गया है।
सरकार का मानना है कि आयुष्मान योजना के चलते सूबे की बड़ी आबादी का इलाज पर होने वाला खर्च घटा है। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के लिए ढाई हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में ज्यादा फोकस स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती पर है। इसमें मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, छात्रावास निर्माण के साथ ही दवाओं, उपकरणों पर फोकस है। सरकार का जोर स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने और तकनीक को बढ़ावा देने पर भी रहेगा। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को सदन में प्रदेश में मजबूत होते स्वास्थ्य ढांचे का खाका पेश किया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 50550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। जबकि करीब 750 करोड़ के नये मदों का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में नये मदों में बजट प्रावधान-
फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइस नैदानिक अनुसंधान हेतु प्रोत्साहन योजना (केंद्र प्रायोजित)- 5 करोड़
राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा, बदायूं, आजमगढ़, जालौन, कन्नौज, सहारनपुर व अंबेडकरनगर में ट्रामा सेंटर लेवल-2 की स्थापना-25 करोड़
फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइस नैदानिक अनुसंधान हेतु प्रोत्साहन योजना (राज्य प्रायोजित)- 10 करोड़
केंद्र प्रायोजित योजना के तहत स्थापित फेज-1,2 व 3 के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण-50 करोड़
27 स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में चिकित्सालय निर्माण- 50 करोड़
सरकारी अस्पतालों के बायो मेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल के लिए पर्यावण प्रबंधन प्रकोष्ठ की स्थापना- 46.72 लाख
चिकित्सालयों के विकास के लिए निजी निवेश के प्रोत्साहन की योजना- 25 करोड़
पीपी मोड पर सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालयों का संचालन- 25 करोड़
नैदानिक स्थापनों के पंजीकरण व मॉनीटरिंग हेतु महानिदेशालय स्तर पर नैदानिक यूनिट की स्थापना- 5 करोड़
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राज्य पोषित गतिविधियों- 300 करोड़
100 बेड से अधिक के चिकित्सालय भवनों का निर्माण- 25 करोड़
आशाओं का कम्यूनिटी प्रॉसेस संबंधी प्रशिक्षण- 10 करोड़
सोशल मोबिलिटी नेटवर्क- 30 करोड़
ई-विन मानव संसाधन एवं प्रौद्योगिकी की निरंतरता- 5 करोड़
राज्य वन हेल्थ मिशन- 5 करोड़
वैक्सीन प्रिवेंटिबल डिजीज सर्विलांस एवं नियमित टीकाकरण, सुदृढ़ीकरण गतिविधियों हेतु मॉनीटरिंग नेटवर्क- 20 करोड़
आयुष्मान डिजिटल मिशन उत्तर प्रदेश के तहत प्रदेश स्तरीय एआई यूनिट की स्थापना- 1 करोड़
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हेल्थ डिजिटल ईकोसिस्टम की स्थापना- 50 करोड़
बजट 2026-27 में स्वास्थ्य
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का बजट-37,956 करोड़
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए- 8,641 करोड़
आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन हेतु- 2,000 करोड़
आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए- 500 करोड़
चिकित्सा शिक्षा
चिकित्सा शिक्षा के लिये- 14,997 करोड़
14 नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन हेतु- 1023 करोड़
कैंसर संस्थान लखनऊ के लिये- 315 करोड़
असाध्य रोगों के इलाज के लिये निःशुल्क चिकित्सा सुविधा हेतु-130 करोड़
आयुष विभाग
ऐसे बढ़ा स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट
वित्तीय वर्ष 2024-25- 43406 करोड़
वित्तीय वर्ष 2025-26- 50550 करोड़
वित्तीय वर्ष 2026-27- 55820 करोड़




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