यूपी में 876 शिक्षकों पर बड़ा ऐक्शन, सभी डीआईओएस को भेजी गई लिस्ट; जानें डिटेल
इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा में इन शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। इन शिक्षकों को कक्ष निरीक्षण से लेकर उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की भी जिम्मेदारी नहीं मिलेगी। बोर्ड ने प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय में पड़ने वाले जिलों में सर्वाधिक 241 परीक्षकों को डिबार किया है।

यूपी बोर्ड ने 896 शिक्षकों को 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा से डिबार कर दिया है। डिबार शिक्षकों की सूची सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी भेज दी गई है। 24 जनवरी से शुरू हो रही इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा में इन शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।
यही नहीं इन शिक्षकों को कक्ष निरीक्षण से लेकर उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की भी जिम्मेदारी नहीं मिलेगी। बोर्ड ने प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय में पड़ने वाले जिलों में सर्वाधिक 241 परीक्षकों को डिबार किया है। उसके बाद वाराणसी में 217, मेरठ 204, गोरखपुर 121 जबकि बरेली में 113 शिक्षक डिबार किए गए हैं।
प्रयागराज में 70 शिक्षक हैं आजीवन डिबार
संगमनगरी के 70 शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा के कार्यों से आजीवन डिबार किया गया है। कुछ शिक्षक ऐसे थे जिन्हें 2025 तक की परीक्षा के लिए डिबार किया गया था और इस बार इनकी ड्यूटी लगेगी। कुछ 2026 तक तो कुछ अन्य 2027 तक के लिए डिबार किए गए हैं।
भर्ती प्रक्रिया के सभी चरणों के लिए बनाए जाएंगे मानक
उधर, मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की बैठक में प्रशासनिक, परीक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। बैठक में आयोग के कार्यों को तकनीकी रूप से उन्नत करने, भर्ती प्रक्रिया को मानकीकृत करने, पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
आयोग के उप सचिव एवं पीआरओ संजय कुमार सिंह की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में आयोग के पास उपलब्ध सभी पत्रावलियों और अभिलेखों के डिजिटलीकरण का निर्णय लिया गया, जिससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और कार्य निष्पादन में तेजी आएगी। इसके साथ ही भर्तियों के प्रत्येक चरण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा नियंत्रक से अपेक्षा की गई है कि वह तैयार एसओपी आगामी बैठक में प्रस्तुत करें, जिसके बाद परीक्षा संबंधी तिथियों के निर्धारण पर निर्णय लिया जाएगा।
इसके अलावा आयोग की आवश्यकताओं के अनुरूप वर्तमान में विभिन्न एजेंसियों के साथ किए गए एमओयू का परीक्षण किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी विसंगति से बचा जा सके। परीक्षा संबंधी कार्यों के लिए एजेंसियों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत विज्ञप्ति जारी कर किया जाएगा, वहीं आयोग के सामान्य कार्यों के निष्पादन के लिए एजेंसी का चयन समयबद्ध रूप से करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि आयोग भवन के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जाएगी। इसके तहत भवन की रंगाई-पुताई और साफ-सफाई का कार्य जल्द कराया जाएगा।




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