यूपी बीजेपी अध्यक्ष की रेस में ये नाम सबसे आगे, यहां अटक रही बात, क्या फैसले से चौंकाएगा हाईकमान?
यूपी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर दिल्ली में मंथन चल रहा है। इसे लेकर दिल्ली में एक बैठक होने की भी खबर है। हालांकि अंतिम मुहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही लगाएंगे। फिलहाल संसद सत्र चल रहा है और उपराष्ट्रपति चुनाव की घोषणा भी हो चुकी है।

UP BJP New President Selection: यूपी भाजपा के नये मुखिया का ऐलान होने में भले ही विलंब हो रहा है, मगर लड़ाई रोचक है। हालांकि यह मुकाबला काफी हद तक ओबीसी वर्ग पर केंद्रित होती दिख रही है। यूं तो मुकाबले में कई खिलाड़ी हैं, मगर मुख्य संघर्ष में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, काबीना मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और धर्मपाल सिंह माने जा रहे हैं। इसके अलावा भी कई चेहरे रेस में शामिल हैं। खास बात यह है कि पार्टी का एक वर्ग इस बार लीक से हटकर दलित चेहरे की भी वकालत कर रहा है। इन सबके बीच कई भाजपा नेताओं का मानना है कि पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए हाईकमान चौंकाने वाला नाम भी ला सकता है।
भाजपा नये प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में ही 2027 के चुनाव में उतरेगी। यही कारण है कि इसे लेकर मैराथन कवायद चल रही है। भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर संघ (आरएसएस) की राय भी अहम है। इधर, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर दिल्ली में मंथन का सिलसिला शुरू हो चुका है। गत दिवस इसे लेकर दिल्ली में एक बैठक होने की भी खबर है। हालांकि अंतिम मुहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही लगाएंगे। फिलहाल संसद सत्र चल रहा है और उपराष्ट्रपति चुनाव की घोषणा भी हो चुकी है। ऐसे में निर्वाचन की औपचारिकता के समय को लेकर थोड़ी संशय की स्थिति अभी बनी हुई है।
क्या फिर चौंकाएगा भाजपा नेतृत्व
इस बीच ब्राह्मण और ओबीसी चेहरों के साथ ही कई दलित चेहरे भी पूरी शिद्दत से लॉबिंग में जुट गए हैं। उनकी सोच है कि लोकसभा चुनाव में जिस तरह से दलित वोटों को अपनी ओर खींचने को विपक्ष ने कवायद की, उसमें उनकी लॉटरी भी लग सकती है। इधर, प्रदेश में मायावती के बाद अब चंद्रशेखर भी पैर पसारने की कवायद में जुटे हैं। पार्टी के दलित चेहरों की इस दौड़ में सबसे आगे पूर्व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया बताए जा रहे हैं।
यह बात भी दीगर है कि भाजपा ने अपनी स्थापना से लेकर अब तक कभी कोई दलित प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया है। सबसे ज्यादा चर्चा ओबीसी चेहरे को लेकर है। इसमें सरकार के तीन प्रमुख चेहरे केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्रदेव सिंह और धर्मपाल सिंह के नामों की सर्वाधिक चर्चा है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, पूर्व मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति सहित सहित कई अन्य नाम भी हैं। वहीं पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि यूपी भाजपा के नये अध्यक्ष का नाम चौंकाने वाला भी हो सकता है।




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