बहराइच और बलरामपुर में तेंदुए का आंतक, ड्रोन और ट्रैप कैमरे से पकड़ने की तैयारी
वन विभाग पगचिंहों के आधार पर तार जोड़ने में जुटा हुआ है। हालाकि तेंदुए के मूवमेंट को देखते हुए जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी कैमरों से शुरू की गई है। वन विभाग संभावित क्षेत्र में ड्रोन की मदद से हमलावर तेंदुए की तलाश कर रहा है। गांवों में ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं।

यूपी में बलरामपुर की भांभर रेंज में तेंदुए ने आठ घंटे के अंतराल में दो महिलाओं को निवाला बनाया है। पहला हमला गुरुवार सुबह करीब नौ बजे तेंदुए ने किया। जब युवती जंगल में लकड़ी लेने के लिए पहुंची थी। जबकि दूसरा हमला लगभग पांच बजे के करीब किया है। जब नेपाली महिला नाला पाकर जंगल के अंदर घुसी थी।दोनों हमले ढाई किलोमीटर के दायरे में किया गया है। सबसे चौकाने वाली बात है कि दोनों हमले एक ही तेंदुए के द्धारा किया गया है। इसको लेकर वन विभाग पगचिंहों के आधार पर तार जोड़ने में जुटा हुआ है। हालाकि तेंदुए के मूवमेंट को देखते हुए जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी कैमरों से शुरू की गई है।
नेपाल सीमा से भाभर रेंज लगा हुआ है। सीमा के समानांतर सीमा दोनों देशों की सरहद को बांटता है। इसी नाले के जरिए गुरुवार की सुबह अधिकतर नेपाली लोग जंगल के अंदर रास्तों से आवागमन भी करते हैं। जबकि विशुनपुर कोडर गांव रेंज से लगा हुआ है। गांव की रहने वाली 25 वर्षीय कमला सुबह करीब साढ़े सात बजे घर से निकली थी। परिजनों का कहना है कि वह शौच के लिए गई हुई थी,लेकिन गांव से लगभग 300 मीटर अंदर तेंदुए ने उनका शिकार किया है। तेंदुए ने सीधे गर्दन को जबड़े में दबोचा है,जिससे उसकी तत्काल मौत हो गई है। ग्रामीणों के पहुंच जाने से तेंदुए शव को छोड़कर भाग गया।
वन विभाग की टीम तेंदुए के हमले की जांच कर रही थी कि पांच बजे इसी रेंज में नेपाल सीमा पर परसरामपुर गांव के बेलभरिया बीट के पास जंगल में तेंदुए ने दूसरे हमले में नेपाली महिला को मार दिया। जिसकी पहचान 28 वर्षीय उर्मिला कोरी पत्नी प्रभु कोरी कृष्णा नेपाल ,नगर पालिका वार्ड नंबर 10 कपिलवस्तु नेपाल के अमौली गांव की निवासिनी के नाम पर हुई है। दोनों घटनाएं आठ घंटे के अंदर हुआ है। एसएचओ पचपेड़वा ओपी चौहान व पुलिस की उपस्थिति में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इसकी सूचना एएसबी कमांडर की ओर से नेपाल में मृतक महिला के गांव के प्रधान हरिपाल चतुर्वेदी को दी गई। एक दिन में हमले में दो लोगों की मौत के बाद वन विभाग ने संभावित क्षेत्र में ड्रोन की मदद से हमलावर तेंदुए की तलाश कर रही है। जबकि जंगल से लगे प्रभावित गांवों में ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों में कैद तस्वीरों के आधार पर हमले रोकने को कदम उठाने की बात कही जा रही है।
बिजली न होने से छा जाता अंधेरा, हमले का बढ़ा खतरा
सेंचुरी से लगे गांवों में बिजली की व्यवस्था नहीं है। ग्राम प्रधान शेखर पांडेय, राम उजागर, मनीराम, धनीराम, हरिराम, राधेश्याम, दिनेश ने बताया कि भारत-नेपाल के लोग इसी रास्ते से आते जाते हैं, जो जंगलों के बीच से रास्ता गुजरा हुआ है। यहां ना बिजली की व्यवस्था है ना दूर संचार की व्यवस्था है। पक्के रास्ते तक नहीं है। शाम होते ही चारों तरफ अंधेरा छा जाता है। जंगली जानवर रात को अक्सर घरों के बाहर दिखाई देते हैं। रेंजर योगेश कुमार ने बताया कि ड्रोन कैमरे से जंगली जानवर की निगरानी की जाएगीl
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने लिया जायजा
तेंदुए के हमले में दो महिलाओं की मौत मामले की खबर पाकर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक गोंडा व डीएफओ गौरवगर्ग ने घटना स्थल का दौरा किया है। ग्रामीणों से संवाद कर उनको जंगल के अंदर जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है। दोनों अधिकारियों ने तीन शिफ्टों में वन कर्मियों की टीम को कांबिंग के लिए लगाया है,जो पूरी कांबिंग की गतिविधियों को एसडीओ मनोज कुमार को उपलब्ध कराते रहेंगे।
बलरामपुर, डीएफओ, गौरव गर्ग ने कहा कि घटना स्थलों का निरीक्षण किया गया है। तेंदुए के दोनों हमले सेंचुरी के अंदर हुए हैं। इसको देखते हुए ग्रामीणों को इन दिनों जंगल में न जाने को जागरूक किया जा रहा है। मृतका कमला के परिजनों को 10 हजार रुपये आर्थिक मदद दी गई है।




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