कफ सिरप के बाद अब यूपी में सप्लाई हो रहे नकली इनहेलर! Cipla के 8000 लेबल पकड़े
नकली दवाइयों और सीरप का मामला थमा भी नहीं था कि अब नकली इनहेलर का मामला सामने आ गया है। आगरा में मशहूर ब्रांड के इनहेलर के प्रिंटेड लेबल मिलने से औषधि विभाग में खलबली मच गई है। आशंका है कि यहां बड़े पैमाने पर इनहेलर की डुप्लीकेसी का काम हो रहा है।

नकली दवाइयों और सीरप का मामला थमा भी नहीं था कि अब नकली इनहेलर का मामला सामने आ गया है। आगरा में मशहूर ब्रांड के इनहेलर के प्रिंटेड लेबल मिलने से औषधि विभाग में खलबली मच गई है। आशंका है कि यहां बड़े पैमाने पर इनहेलर की डुप्लीकेसी का काम हो रहा है। इसकी सप्लाई प्रदेश भर में होने की आशंका जताई जा रही है।
औषधि विभाग मुख्यालय लखनऊ की टीम सैंपल दवाइयों की कालाबाजारी की जांच के लिए आगरा आई थी। इसी दौरान टीम ने हींग की मंडी निवासी जुबैर खान को पकड़ा। उसके घर पर छापा मारने पर 8000 प्रिंटेड लेबल बरामद किए गए, जो मशहूर दवा निर्माता Cipla के फोराकोर्ट इनहेलर के बताए जा रहे हैं। इतनी बड़ी बरामदगी से नकली इनहेलर बनाए जाने की आशंका मजबूत हो गई है।
सूत्रों के अनुसार घर से पैकिंग या रीफिलिंग का कोई उपकरण नहीं मिला। इससे संकेत मिलता है कि निर्माण का काम किसी अन्य स्थान पर हो रहा है। वहां कच्चा माल और अन्य संसाधन भी मौजूद हो सकते हैं। अब औषधि विभाग उस संभावित फैक्ट्री की तलाश में जुट गया है।
दूसरी डुप्लीकेसी की भी आशंका
यदि इनहेलर की नकली फैक्ट्री संचालित हो रही है तो केवल एक उत्पाद तक सीमित होने की संभावना कम है। वहां अन्य दवाओं की नकल भी की जा सकती है। पूर्व में पकड़ी गई अवैध फैक्ट्रियों से कई विख्यात ब्रांड की टैबलेट, कैप्सूल और सीरप बरामद हो चुके हैं।
20 लाख रुपए के माल के लेबल
छापेमारी में 8000 लेबल मिले। संबंधित कंपनी के एक इनहेलर का एमआरपी करीब 250 रुपए है। इस आधार पर ये लेबल लगभग 20 लाख रुपए की दवा के लिए तैयार किए गए थे। स्पष्ट है कि सप्लाई केवल आगरा तक सीमित नहीं रही होगी। प्रदेश स्तर पर बड़े नेटवर्क की आशंका है।
बीते वर्षों में पकड़े गए फर्जी कारखाने
फरवरी 2019: सिकंदरा के बांके बिहारी धाम क्षेत्र में घर पर नकली दवाएं बनाने वाले थोक कारोबारी हरिबाबू को गिरफ्तार किया गया। उसके घर से 3.5 लाख रुपए की नकली दवाएं, मशीनें और ब्लिस्टर पैक बरामद हुए। उसके पास हिमाचल की एक दवा कंपनी की डीलरशिप थी। भगवती कॉम्प्लेक्स, एमजी रोड का लाइसेंस भी मिला।
जुलाई 2023: एएनटीएफ और पुलिस की कार्रवाई में दयालबाग के एक कॉलेज परिसर में अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई। करीब 5 करोड़ रुपए की दवाएं जब्त हुईं। विजय गोयल सरगना था। दीवान सिंह, रोहित सिंह, नरेंद्र शर्मा, मुकेश कुमार, अजीत पाराशर, सन्नी राज, रेखा देवी और विजय सिंह आरोपी थे। नकली एल्जोसेल, कोरेक्स बरामद हुए।
अक्तूबर 2024: सिकंदरा में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और आगरा पुलिस ने अवैध कारखाने पर छापा मारकर 8 करोड़ रुपए से अधिक की नकली दवाएं और 4 करोड़ रुपए की मशीनरी जब्त की। विजय गोयल, नरेंद्र शर्मा, अमित पाठक, अशोक कुशवाह, शिवकुमार कुशवाह, आलोक कुशवाह, रविकांत और जितेंद्र कुशवाह समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
अगस्त 2025: लखनऊ मुख्यालय की टीम ने पांच दुकानों और गोदामों पर छापे मारे। चेन्नई और पुडुचेरी की फैक्ट्रियों से अवैध दवाएं बनाकर बेचे जाने का खुलासा हुआ। करीब 200 करोड़ रुपए के अवैध कारोबार का पता चला। हिमांशु अग्रवाल, संजय बंसल, मुकेश बंसल और सोहित बंसल समेत कई लोग गिरफ्तार किए गए। पांच गोदामों में लगभग 60 करोड़ रुपए की दवाएं सील की गईं।




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