ब्राह्मणों के बड़े जुटान में गूंजा UGC का मुद्दा, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले- समाज की बेचैनी हम समझ रहे
लखनऊ में शनिवार को ब्राह्मण नेताओं का बड़ा जुटान हुआ। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में पहुंचे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाज के लोगों को भरोसा दिलाते हैं कि उनके साथ कहीं भी गलत नहीं होगा। ब्राह्मण समाज के मन में जो बेचैनी है, हम उसे समझ रहे हैं।

राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार को ब्राह्मण नेताओं का बड़ा जुटान हुआ। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में पहुंचे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाज के लोगों को भरोसा दिलाते हैं कि उनके साथ कहीं भी गलत नहीं होगा। हमारी सरकार हमेशा ब्राह्मणों के साथ खड़ी है। सभी ब्राह्मणों की चिंता पार्टी और सरकार कर रही है। ब्राह्मण समाज के मन में जो बेचैनी है, हम उसे समझ रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान यूजीसी का मुद्दा छाया रहा। मंच पर नेताओं के भाषणों के बीच यूजीसी नियम विरोधी नारेबाजी होती रही। पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि ब्राह्मण जाति नहीं संस्कृति है। मुझे पता है कि यूजीसी मामले में चूक हुई। भाजपा कार्यकर्ता होते हुए भी मैंने तत्काल इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इसके नियम संविधान विरुद्ध हैं। जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से भी इस संबंध में मिलकर बात करेंगे। ब्राह्मण हमेशा सबको समाहित करके चला है। ब्राह्मण समाज की धुरी है। पूर्व राज्यपाल ने अलंकार अग्निहोत्री की भाषा-शैली पर नाराजगी और आपत्ति जताई। प्रबुद्ध समागम में मौजूद राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा जैसे ही मंच पर बोलने आए, सभा में उपस्थित लोगों ने यूजीसी पर बोलो के नारे लगाने शुरू कर दिए। शोर बढ़ता गया। मीडिया के सवाल के जवाब में कहा कि यूजीसी का मामला कोर्ट में है। न्यायालय का हम सम्मान करते हैं। इसलिए इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे। पूर्व विधायक उदयभान करवरिया ने एकजुटता की अपील की। पूर्व सांसद डा. अशोक वाजपेयी सहित कई वक्ताओं ने बात रखी। संयोजन राजेंद्रनाथ त्रिपाठी का रहा।
ब्राह्मणों की इस जुटान में कांग्रेस नेतृत्व भी खुलकर शामिल हुआ। कांग्रेस के यूपी प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि हम शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हैं। उन पर जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं, वे बेहद शर्मनाक हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि इस सरकार में ब्राह्मणों और शंकराचार्य का अपमान हो रहा है। यूजीसी के मसले पर उन्होंने सवाल किया कि सरकार यह नियम लाई ही क्यों थी? अगर गलत नहीं था तो सुप्रीम कोर्ट में लगकर इसे रुकवाया क्यों?
फरसा लेकर पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री
मंच पर भाषण देने फरसा लेकर पहुंचे निलंबित पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार को गैर सनातनी बताया। सरकार पर तंज कसने को लेकर कुछ भाजपा समर्थकों ने उनका विरोध किया। कुछ देर बाद अलंकार का विरोध करने वालों के खिलाफ भी नारेबाजी होने लगी। देखते ही देखते वहां का माहौल गर्म होने लगा। इस पर उतने लोगों से पूछा कि कौन-कौन चाहता है कि एससी-एसटी एक्ट खत्म हो। इस पर लोगों हाथ उठाकर समर्थन दिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि एससी-एसटी एक्ट खत्म होना चाहिए। इसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए।




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