एक ही पेड़ से दो युवकों ने लगाई फांसी, एक की मौत, डाल टूटने से दूसरे की जान बची
यूपी के आजमगढ़ में एक ही पेड़ से दो युवकों ने फांसी लगा ली। इससे एक युवक की मौत हो गई। डाल टूटने से दूसरा युवक गिर गया और उसकी जान बच गई। दोनों ने एक युवती को डरा दिया था। इससे गांव वाले दोनों को खोज रहे थे।

यूपी के आजमगढ़ में शहर के मड़या मोहल्ले में गुरुवार की रात तमसा नदी के तट पर दो युवकों ने एक ही पेड़ पर फांसी लगा ली। एक युवक की मौत हो गई, जबकि डाल टूटने से दूसरे युवक की जान बच गई। उसे मंडलीय अस्पतल में भर्ती कराया गया है। परिजनों का कहना है कि दोनों की मानसिक हालत ठीक नहीं थी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के राहुल नगर मड़या निवासी 22 वर्षीय सुमित निषाद और 18 वर्षीय आकाश निषाद का घर आस-पास है। दोनों में गहरी मित्रता थी। दोनों दो माह पूर्व काम करने के लिए दिल्ली गए थे। आकाश के परिवार के लोग दिल्ली में रहते हैं। दोनों एक कंपनी में काम कर रहे थे। 20 दिन पहले आकाश की दादी घर आ रही थीं। उनके साथ आकाश और सुमित भी घर आ गए। परिजनों ने बताया कि दोनों की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। गुरुवार शाम मोहल्ले की एक युवती काम कर घर लौट रही थी। गली के पास दोनों ने मिलकर उसे डरा दिया।
युवती के भाई ने दोनों के घरवालों से इसकी शिकायत की। इसके बाद परिवार के लोग उनकी तलाश कर रहे थे। मोहल्ले के युवक भी दोनों को पकड़ने के लिए निकल गए। घरवालों को देख दोनों भाग निकले। रात करीब 11 बजे गांव के लोग उन्हें तलाशते हुए तमसा नदी के तट पर स्थित शिव मंदिर के पास पहुंचे। वहां सुमित का शव पेड़ से लटक रहा था।
आकाश के गले में भी फंदा था। वह नीचे अचेत पड़ा था। बगल में ही पेड़ की टूटी डाल पड़ी थी। मोहल्ले के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। आकाश को मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
आकाश ने दोस्ती में लगाया था फंदा
मंडलीय अस्पताल में भर्ती आकाश ने बताया कि सुमित फांसी लगा रहा था। इस पर वह उसे रोकने लगा। काफी प्रयास के बाद भी जब वह नहीं माना तो उसने भी फांस लगा ली। होश आया तो अस्पताल में था। परिजनों ने बताया कि एक साल पूर्व उसी पेड़ पर मोहल्ले के एक युवक ने फांसी लगाकर जान दी थी।




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