Two arrested for fraudulent activities in UP after learning to cheat in Dubai दुबई से ठगी सीखकर आए यूपी में बिछा रहे थे जाल; फर्जी गेमिंग एप से साइबर फ्रॉड, सरगना समेत 2 अरेस्ट, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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दुबई से ठगी सीखकर आए यूपी में बिछा रहे थे जाल; फर्जी गेमिंग एप से साइबर फ्रॉड, सरगना समेत 2 अरेस्ट

पीलीभीत पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को भोपाल और दिल्ली से गिरफ्तार किया। फर्जी गेमिंग एप के जरिए करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ। लैपटॉप में 50 हजार यूजर का डेटा मिला। पुलिस बरामद डाटा का विश्लेषण कर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

Wed, 11 Feb 2026 06:18 PMsandeep हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान टीम, पीलीभीत
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दुबई से ठगी सीखकर आए यूपी में बिछा रहे थे जाल; फर्जी गेमिंग एप से साइबर फ्रॉड, सरगना समेत 2 अरेस्ट

पीलीभीत जिले की थाना घुंघचाई पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, पासपोर्ट समेत अन्य डिजिटल उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद वे फरार हो गए थे और नए सिरे से ठगी का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे।

जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी दुबई जाकर फर्जी ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए साइबर ठगी करने की तकनीक सीखकर आए थे। इसके बाद उन्होंने पीलीभीत और उत्तराखंड के रुद्रपुर में कॉल सेंटर स्थापित कर लोगों को झांसे में लेकर निवेश के नाम पर ठगी करना शुरू किया।

पुलिस की छानबीन में कई अहम खुलासे हुए हैं। एएसपी के अनुसार आरोपियों के लैपटॉप में मौजूद डेटा से पता चला कि फर्जी गेमिंग एप में करीब 50 हजार लोगों ने लॉगइन किया था। इनमें से लगभग 20 हजार लोगों ने पैसे निवेश किए। अब तक की जांच में 11,739 यूजर आईडी के जरिए करीब 5 करोड़ 54 लाख 40 हजार 242 रुपए निवेश किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस को आशंका है कि ठगी की कुल रकम इससे कहीं ज्यादा हो सकती है।

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इंस्पेक्टर घुंघचाई ने बताया कि आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन, बैंक खातों और लैपटॉप में मौजूद डेटा का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि ठगी की रकम किन-किन राज्यों से आई और किन खातों के माध्यम से ट्रांसफर की गई। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

इससे पहले पुलिस इस गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी, जबकि दो मुख्य आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। एएसपी विक्रम दहिया ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घुंघचाई पुलिस ने तीन दिसंबर को साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पांच दिसंबर को दो अन्य फरार आरोपियों को भी पकड़कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि गिरोह का सरगना आशुतोष कुमार और उसका साथी हर्षित गिरफ्तारी से बचते हुए लगातार ठिकाने बदल रहे थे।

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पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मंगलवार को कार्रवाई करते हुए आशुतोष को मध्य प्रदेश के भोपाल से और हर्षित को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह संगठित तरीके से साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था और कई राज्यों के लोगों को निशाना बनाया गया है।

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