एसी, सिलेंडर फटे, मां और भाई संग जिंदा जला कानूनगो; यूपी में अंगीठी की आग से बड़ा हादसा
मकान में ठंड से बचने के लिए अंगीठी जल रही थी, इसी अंगीठी से मकान में आग लग गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक आग से रसोई में रखे दो सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गए। घर में लगे एसी का कंप्रेशर भी फट गया, आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। पड़ोसियों ने बचाने की काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के वसुंधरा रेजिडेंसी के एक मकान में सोमवार देर शाम अंगीठी से आग लगने के बाद दो गैस सिलेंडर और एसी कंप्रेशर फटने से बड़ा हादसा हो गया। आग में फंसे कानूनगो उनकी बुजुर्ग मां और भाई जिंदा जल गए। तीनों को बचाने के प्रयास में एक पड़ोसी युवक भी गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के समय कानूनगो की पत्नी अपनी दो बेटियों के साथ कुत्ते को टहलाने गई थीं।
शामली के बड़ा बाजार के रहने वाले 50 वर्षीय अमित गौड़ देवबंद तहसील में कानूनगो थे। वह पत्नी रिचा और दो बेटियों आराध्या व अक्षिता के साथ नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में स्थित वसुंधरा रेजीडेंसी में पिछले दो महीने से किराए के मकान में रह रहे थे। उनकी तबियत खराब होने के कारण उनकी मां 68 वर्षीय सुशीला और 45 वर्षीय छोटे भाई नितिन यहीं आ गए थे। सोमवार की शाम मकान की पहली मंजिल पर अमित अपनी मां और भाई के साथ मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि मकान में ठंड से बचने के लिए अंगीठी जल रही थी, इसी अंगीठी से मकान में आग लग गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक आग से रसोई में रखे दो सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गए। घर में लगे एसी का कंप्रेशर भी फट गया, इससे आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। पड़ोसियों ने उन्हें बचाना का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली और तीनों आग में जिंदा जल गए। इस दौरान एक पड़ोसी भी झुलस गया।
सूचना पर सीएफओ खुद फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां लेकर मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद आग बुझने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। तीन लोगों के जिंदा जलने की सूचना पर डीएम उमेश मिश्रा व एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
एक हफ्ते पहले ही छोटे बेटे के साथ शामली आई थी मां
मुजफ्फरनगर में वसुंधरा कालोनी में फ्लैट में लगी आग में कानूनगो, उनकी मां और भाई के जिंदा जल जाने का पता लगते ही शामली के मोहल्ला मलकू शाह में शोक छा गया। मृतक कानूनगो के तहेरे भाईयों को घटना का पता लगा तो परिजनों में कोहराम मच गया। सभी आनन फानन में मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए। मृतकों के पैतृक मकान पर ताला लटका हुआ है। एक महीने पहले ही छोटा बेटा नितिन उर्फ कन्हैया एवं उसकी मां सुशीला बड़े बेटे कानूनगो अमित के बीमार होने के कारण उनके पास मुजफ्फरनगर गए थे। तब से वह वहीं रह रहे थे। परिजनों ने बताया कि करीब सात दिन पहले नितिन अपनी मां सुशीला के साथ एक रात के लिए घर आए थे और अगले ही दिन वह फिर मुजफ्फरनगर चले गए थे। उन्हें क्या पता था कि मौत उन्हें वहां खींच कर ले जा रही थी।




साइन इन