कोडीन सिरप केस में शुभम के तीन साथी गिरफ्तार, जारी था लुक आउट नोटिस
गिरफ्तार आरोपियों में आजमगढ़ के नरवे गांव निवासी विकास सिंह ‘नरवे’, मैदागिर गोलघर के सिद्धमाता गली निवासी आकाश पाठक और विकास सिंह का साथी अंकित श्रीवास्तव हैं। इसमें से विकास सिंह और आकाश पाठक पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में वाराणसी कमिश्नरेट की एसआईटी ने सरगना शुभम जायसवाल के तीन आरोपी साथियों को मंगलवार सुबह सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार किया। तीनों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी था। नोटिस जारी होने के बाद वे नेपाल भागने की फिराक में थे।
गिरफ्तार आरोपियों में आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के नरवे गांव निवासी विकास सिंह ‘नरवे’, मैदागिर गोलघर के सिद्धमाता गली निवासी आकाश पाठक और विकास सिंह का साथी अंकित श्रीवास्तव हैं। इसमें से विकास सिंह और आकाश पाठक पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसआईटी प्रमुख डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि विकास सिंह नरवे इस सिंडीकेट के अहम रोल में था।
वह शुभम जायसवाल का दाहिना हाथ कहा जाता था। वहीं आकाश पाठक और सरगना शुभम जायसवाल का साझे में एक फर्म है, जो फर्जी तरीके से खोला गया है। इस फर्म का नाम मेड रेमेडी लाइफकेयर प्राइवेट लिमिटेड है। दोनों ही इस फर्म के सीईओ हैं। शुभम जायसवाल ने अपने हस्ताक्षर से कम्पीटेंट सर्टिफिकेट जारी किया है। विकास सिंह नरवे पर वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़ में कई मुकदमे दर्ज हैं। विकास सिंह ने ही जौनपुर के अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह ‘एसटीएफ’ से शुभम की मुलाकात कराई थी।
नरवे ने 15 करोड़ का अवैध व्यवसाय किया
शुभम जयसवाल का सबसे करीबी विकास सिंह की देवनाथ फार्मेसी नाम से फर्म है। उसने शुभम के पिता भोला प्रसाद के शैली ट्रेडर्स से 5 लाख 13 हजार शीशियों के कफ सिरप का कारोबार किया। यह कारोबार करीब 15 करोड़ रुपये का है जो केवल कागजों पर हुआ है। फर्म भी बोगस है।
शुभम के साथ कई बार दुबई गया
विकास सिंह नरवे को लेकर शुभम कई बार दुबई जा चुका है। कहा जा रहा है कि इस सिंडीकेट का एक मास्टरमाइंड और फाइनेंसर दुबई में बैठा है। उसी के यहां शुभम अपने साथ विकास एवं अन्य खास नजदीकियों को लेकर जाता था।




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