दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन, गोरखपुर में धमकी के बाद सीएम योगी से मिलने पहुंचे संजय निषाद
दिल्ली में भाजपा के सभी सहयोगियों के साथ पहले शक्ति प्रदर्शन और वहां से लौटते ही बीजेपी को गठबंधन तोड़ने की धमकी देने वाले कैबिनेट मंत्री संजय निषाद रविवार को सीएम योगी से मिलने पहुंचे। इससे पहले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से भी संजय ने मुलाकात की थी।

यूपी में योगी सरकार मेे कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। संजय निषाद ने योगी से मुलाकात ऐसे समय की है जब दिल्ली मेंं शक्ति प्रदर्शन किया और गोरखपुर लौटने पर गठबंधन तोड़ने की भाजपा को धमकी दे डाली। सीएम योगी से मुलाकात से पहले संजय निषाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से भी मिलने पहुंचे थे। इस मुलाकात से लखनऊ में सियासी हलचल तेज हो गई है। संजय निषाद के साथ उनके बेटे और पूर्व सांसद अमित निषाद भी मौजूद थे।
दरअसल मंत्री संजय निषाद ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर उसे लगता है कि सहयोगी दलों ने कोई लाभ नहीं पहुंचाया है तो वह गठबंधन तोड़ दे। संजय निषाद ने गोरखपुर में यह भी कहा था कि मैं भाजपा को यह बताना चाहता हूँ। वे छोटे नेताओं का इस्तेमाल करके हम पर अभद्र भाषा में हमला क्यों कर रहे हैं? सूत्रों ने बताया कि इस बयान के बाद संजय निषाद को उसी रात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का फोन आया और उन्होंने वादा किया कि दोनों दलों के बीच मतभेद सुलझा लिए जाएंगे।
हालाकि निषाद पार्टी के नेताओं ने कहा कि उनके पार्टी प्रमुख की ये टिप्पणी भाजपा के छोटे सहयोगियों चाहे वे मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में निषाद, राजभर या पटेल हों, या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट के बीच बढ़ती दूरियों के कारण है। भाजपा यूपी में लगातार तीसरी बार सरकार के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदायों के बीच अपना नेतृत्व तैयार कर रही है, जो उनका मुख्य मतदाता आधार हैं। यही कारण है कि जय प्रकाश निषाद और साध्वी निरंजन ज्योति जैसे निषाद नेताओं की आलोचनात्मक बयानों के कारण निषाद पार्टी की आशंकाएं और बढ़ गई थीं।
संजय निषाद भाजपा से मतभेदों को लेकर अचानक चर्चा में पिछले हफ्ते तब आए जब दिल्ली में अपनी पार्टी का स्थापना दिवस पर शक्ति प्रदर्शन किया था। इस दौरान यूपी में भाजपा की चारों सहयोगी निषाद पार्टी, अपना दल, सुभासपा और रालोद के नेता संजय निषाद के साथ दिखाई दिए। तब भाजपा का कोई नेता वहां नहीं था। इस पर भी सवाल हुए तो संजय निषाद ने कहा कि उन्हें भी निमंत्रित किया गया था लेकिन कोई नहीं आया तो हम क्या कर सकते हैं। इसके बाद से ही भाजपा और सहयोगियों के बीच मतभेद की बातें कहीं जा रही थीं। पहले ब्रजेश पाठक से मुलाकात और अब योगी से मिलना मतभेदों को दूर करने की कवायद कही जा रही है।




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